IPO नियमों में बदलाव: जियो-NSE लिस्टिंग होगी आसान, निवेश बढ़ेगा Reduced Ipo Shareholding Requirements

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IPO नियमों में बदलाव: जियो-NSE लिस्टिंग होगी आसान, निवेश बढ़ेगा Reduced Ipo Shareholding Requirements

चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने IPO के नियमों में बदलाव करके बड़ी कंपनियों के लिए मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की लिमिट को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया है।

इस फैसले से रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसी कंपनियों के लिए IPO लाना आसान हो जाएगा।

सेबी ने पिछले साल सितंबर में इन बदलावों को मंजूरी दी थी, जिसे अब सरकार ने फाइनल अप्रूवल दे दिया है।

नए नियमों के तहत, कंपनियों को लिस्टिंग के बाद उनकी वैल्यू के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाएगा।

कंपनियों को ₹1,600 करोड़ तक की वैल्यू के लिए कम से कम 25% शेयर पब्लिक के लिए जारी करने होंगे।

₹1,600 करोड़ से ₹4,000 करोड़ तक की कंपनियों को कम से कम ₹400 करोड़ की वैल्यू के बराबर शेयर ऑफर करने होंगे।

इन बदलावों का उद्देश्य मार्केट में निवेश को बढ़ावा देना और कंपनियों को पूंजी जुटाने में मदद करना है।

इस नए नियम से उद्योग जगत में उत्साह है, क्योंकि यह अधिक कंपनियों को शेयर मार्केट में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

यह बदलाव भारतीय वित्त बाजार को और भी गतिशील बनाने में मदद करेगा, जिससे निवेशकों के लिए नए अवसर खुलेंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

  • मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की लिमिट 5% से घटकर 2.5% हुई।
  • जियो प्लेटफॉर्म्स और NSE जैसी कंपनियों के लिए IPO लाना आसान।
  • ₹1,600 करोड़ तक की कंपनियों को कम से कम 25% शेयर जारी करने होंगे।

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Posted on 15 March 2026 | Keep reading चाचा का धमाका.com for news updates.

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