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हनुमान मन्दिर् होली मिलन, रंग पंचमी और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन।
नारी शक्ति और भक्ति के संग फाग के रंगों में रंगा पूरा परिसर*
दिनारा। पिछोर तिराहा स्थित अशोक होटल के पास बने 1008 श्री हनुमान मंदिर परिसर में होली मिलन समारोह, रंग पंचमी और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन बड़े ही उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति, श्रद्धालु और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। पूरा मंदिर परिसर भक्ति, उत्साह और रंगों की फाग से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा मंदिर में एकत्र होकर भजन संध्या से हुई। श्रद्धालु महिलाओं ने भगवान के भजनों का गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विशेष रूप से भगवान शंकर की फाग और होली के पारंपरिक भजनों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। फाग के गीतों में भगवान शंकर और माता पार्वती के पावन प्रेम तथा रंगों के उत्सव का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
भजन संध्या के बाद सभी महिलाओं ने मिलकर भगवान के चरणों में रंग-गुलाल अर्पित किया और एक-दूसरे को रंग लगाकर रंग पंचमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान नारी शक्ति की एकता और सम्मान का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने यह संकल्प लिया कि समाज में किसी भी महिला पर अन्याय या विपत्ति आने पर सभी मिलकर उसकी सहायता करेंगी और एकजुटता के साथ समाज को मजबूत बनाएंगी।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने उपस्थित सभी मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति इस सृष्टि की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि मां के अनेक रूप होते हैं—धरती माता, भारत माता और गौ माता—और इन सभी का सम्मान करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जिस मां ने हमें जन्म दिया, उसका ऋण कोई भी जीवन भर नहीं चुका सकता।
गौ सेवक कल्लू महाराज ने अपने संदेश में कहा कि भारत की संस्कृति में नारी शक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल जैसी महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि नारी शक्ति ने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है और इतिहास में अपना अमिट नाम दर्ज कराया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का समय एकता और संगठन का समय है। जब समाज की मातृशक्ति एकजुट होकर आगे बढ़ती है तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बनते हैं। उन्होंने सभी से धर्म, संस्कृति और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया और कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना ही सच्चा धर्म है।
कार्यक्रम में होली मिलन समारोह, रंग पंचमी और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस—तीनों अवसरों को एक साथ मनाकर नारी सम्मान और सामाजिक एकता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया गया। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर प्रेम, भाईचारे और सम्मान का संदेश दिया।
इस भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब भक्ति, नारी शक्ति और सामाजिक एकता एक साथ मिलती है* तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नारी सम्मान, धर्म और एकता का संदेश देने वाला यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और सभी ने एक स्वर में कहा यही है हमारे महान भारत की पहचान
