राजपुरा रोड पुरानी शिवपुरी मै पुरानी परम्पराओं का सम्मान रखते हुएँ तीज पर रंग बरसे



 जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी

समाचार 

राजपुरा रोड पुरानी शिवपुरी मै पुरानी परम्पराओं का  सम्मान रखते हुएँ तीज पर रंग बरसे 

 चेहरे पर घूंघट और हाथ में लाठी, हंसी-ठिठोली के बीच खेली होली शिवपुरी।यादव समाज द्वारा लठमार होली की परंपरा के साथ मनाया जाने वाला होली मिलन समारोह शुक्रवार को ढोल-नगाड़ों की थाप पर धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। राजपुरा रोड पर हुए इस आयोजन में हर साल की तरह इस साल भी पुरूषों ने जमकर रंग और गुलाल उड़ाया तथा फाग (लोकगीत जिसे कन्हैया भी कहते हैं) गाया तो, महिलाओं ने चेहरे पर घूंघट ओढ़ा और हाथ में लाठी लेकर पुरूषों पर जमकर लाठियां भांजीं। वृंदावन की तर्ज पर खेली जाने वाली इस पारंपरिक होली को झंडा भी कहा जाता है।

कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि झंडा का खेल हमारे समाज में पिछले कई दशकों से खेला जाता है, इस खेल के दौरान घोल्ला (जिसे देवता की सवारी आती है) को एक स्थान पर बिठाया जाता है। इस घोल्ला को पुरूष अपनी पीठ पर बिठा कर अपने पाले में ले जाने का प्रयास करते हैं जबकि महिलाएं पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं ताकि वह घोल्ला को अपने साथ न ले जा सकें। इसी दौरान पुरुष महिलाओं पर रंग, अबीर, गुलाल बरसाते हैं। फाग गाकर महिलाओं पर तंज कसते हैं तो महिलाएं पुरूषों को लाठी मारती हैं। कार्यक्रम के अंत में राधा-कृष्ण मंदिर पर पूरे आयोजन का समापन किया गया। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं भी दीं।

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...और चारों तरफ से घेर कर पीटे युवक

लट्ठमार होली के दौरान दर्जनों युवक महिलाओं की लाठियों से बचने के लिए एक चबूतरे (देवताओं का चबूतरा जिस पर बहुओं का जाना वर्जित है) पर चढ़ गए। इस पर महिलाओं ने चबूतरे के चारों ओर से घेर लिया और दो महिलाएं (जो यहां की बेटी थी) लाठीयां भांजती हुईं चबूतरे पर चढ़ गईं। इस दौरान युवकों को चारों ओर से चबूतरे पर घेर कर ऐसी लाठियां भांजी कि कोई वहां से कूद कर भागा तो कोई नाली में जा गिरा। लट्ठमार होली देखने सड़क से लेकर मकानों पर हजारों लोगों की भीड़ जुटी।

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