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एआई हेल्थ: चैटजीपीटी ने 52% आपात स्थितियों में गलत सलाह दी, तकनीक में चूक? Ai Health Concerns Rise Rapidly
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ता दखल सवालों के घेरे में है।
‘नेचर मेडिसिन’ में प्रकाशित एक अध्ययन में उजागर हुआ है कि ओपनएआई के चैटजीपीटी हेल्थ फीचर ने 52% आपातकालीन मामलों में मरीजों को गलत सलाह दी, जिससे जीवन खतरे में पड़ सकता है।
यह एआई, मेडिकल इमरजेंसी की पहचान करने में गंभीर रूप से विफल रहा है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन मामलों में तत्काल अस्पताल जाना आवश्यक था, उनमें 51.6% बार एआई ने मरीजों को घर पर रहने या सामान्य अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि यदि कोई मरीज कहता है कि उसके दोस्त ने बीमारी को मामूली बताया है, तो एआई द्वारा लक्षणों को कम गंभीर बताने की संभावना 12 गुना बढ़ जाती है।
एक गंभीर मामले में, सांस की समस्या से जूझ रही एक महिला को 84% बार बाद में अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी गई, जबकि उसे तत्काल अस्पताल की आवश्यकता थी।
इसके विपरीत, 64.8% सुरक्षित लोगों को एआई ने तुरंत इमरजेंसी में जाने की गलत सलाह दी, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली पर अनावश्यक बोझ बढ़ गया।
यह दिखाता है कि एआई तकनीक अभी भी त्रुटियों से भरी है और इस पर पूरी तरह से निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है।
यह रिपोर्ट एआई तकनीक के उपयोग में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर देती है, खासकर स्वास्थ्य संबंधी मामलों में, जहाँ गलत सलाह गंभीर परिणाम दे सकती है।
- चैटजीपीटी हेल्थ 52% मामलों में मेडिकल इमरजेंसी पहचानने में विफल।
- एआई की गलत सलाह से मरीजों के जीवन को खतरा, विशेषज्ञों की चेतावनी।
- सुरक्षित लोगों को भी इमरजेंसी में जाने की सलाह, स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ।
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Posted on 07 March 2026 | Follow चाचा का धमाका.com for the latest updates.