सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती: निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस पर रोक,

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

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सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती: निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस पर रोक,



गरीबों को मिलेगा बेहतर इलाज

भरत रावत, संवाददाता | 28 मार्च 2026

मुरैना। जिला चिकित्सालय मुरैना से एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल सामने आई है, 

जहां सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने सभी शासकीय चिकित्सकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं

वे किसी भी निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में न तो प्रैक्टिस करेंगे और न ही किसी प्रकार की साझेदारी करेंगे।

जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी अस्पताल से जुड़ा पाया जाता है या वहां किसी भी रूप में सेवाएं देता है, तो इसे शासकीय सेवा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। अक्सर यह शिकायतें सामने आती रही हैं कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति या लापरवाही के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पाता, जबकि वही डॉक्टर निजी अस्पतालों में सक्रिय रहते हैं।

इस आदेश के लागू होने से उम्मीद जताई जा रही है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे गरीब, मजदूर और असहाय वर्ग को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की संभावना है।

प्रशासन द्वारा इस आदेश की प्रतिलिपि उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और सभी चिकित्सकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को आमजन के हित में एक सख्त लेकिन जरूरी कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सरकारी अस्पतालों की तस्वीर बदल सकता है।

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