धुआं-धुआं हुआ बड़ौदी, लोगों का सांस लेना हुआ मुश्किल, जिम्मेदार ने बांधी आंखों पर पट्टी

जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 


धुआं-धुआं हुआ बड़ौदी, लोगों का सांस लेना हुआ मुश्किल, जिम्मेदार ने बांधी आंखों पर पट्टी 

एनजीटी के नोटिस के बावजूद नहीं बदले ट्रेचिंग ग्राउंड के हालात, नपा नहीं दे रही ध्यान

स्थानीय लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित किया वीडियो लगाई मदद की गुहार्

शहर के बड़ौदी क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पिछले कई सालों से धीरे-धीरे सुलग रहा है। 

ट्रेंचिंग ग्राउंड के सुलगने से उठने वाला धुआं हवा के झोंकों के साथ पास ही स्थित बस्ती के साथ-साथ सर्किल जेल और सीआईएटी (काउंटर इंसरजेंसी एंड एंटी टेररिस्ट स्कूल) कैम्पस तक पहुंच रहा है, 

जिसके कारण हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

जेल प्रबंधन व सीआरपीएफ प्रबंधन पिछले सात सालों से लगातार शिवपुरी कलेक्टर व नगर पालिका को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज करवा रहा है 

ट्रेंचिंग ग्राउंड से उठने वाले धुएं के कारण बंदियों और आतंक विरोध दस्ता की ट्रेनिंग कर रहे जवानों का सांस लेना मुश्किल हाे जाता है।

धुआं पूरे कैम्पस में भर जाता है, कचरा हवा के साथ उड़ कर परिसर तक आ जाता है।

ट्रेंचिंग ग्राउंड के कारण मक्खी, मच्छरों की भरमार है, जिससे तमाम बीमारियां फैल रही हैं।

सीआईएटी सहित जेल प्रशासन ने इस ट्रेंचिंग ग्राउंड को अन्यत्र ले जाने की गुहार लगाई है, इसके बाबजूद समस्या के समाधान की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। 

आज स्थानीय लोगों ने स्वयं वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित कर स्वास्थ्य की सुरक्षा की मांग की है। 

खास बात यह है कि जब बस्ती के युवा इस आग की शिकायत करने टेंचिंग ग्राउंड में पहुंचे तो वहां उन्हें कोई कर्मचारी नहीं मिला, जिससे वह शिकायत दर्ज करवा सकते। 

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तत्समय ट्रेचिंग ग्राउंड उपयुक्त जगह था, अब नहीं

नगर पालिका ने यह ट्रेंचिंग ग्राउंड वर्ष 2008-09 में बनाया था, 

बड़ौदी की आबादी आज की तुलना में काफी कम थी और रिहायशी एरिया ट्रेंचिंग ग्राउंड से) काफी दूर था,

अब रिहायशी क्षेत्र ट्रेंचिंग ग्राउंड की दीवार से सटा हुआ है।

उस समय यहां जेल नहीं थी, परंतु अब जेल बनकर तैयार हो गई है और उसका विस्तार भी किया जा रहा है।

इसके अलावा उस समय यहां पर सीआईएटी भी नहीं था, परंतु अब यहां पूरे देश से सैनिक एंटी टेररिज्म की ट्रेंनिंग के लिए आते हैं। 

ऐसे में अब यह स्थान ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए उपयुक्त नहीं है। 

पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड लगा चुका है जुर्माना

एडवोकेट अभय जैन का कहना है कि

 2016 सालिड बेस्ट मैनेजमेंट रूल्स है कि आबादी बस्ती के पांच सौ मीटर में ट्रेंचिंग ग्राउंड नहीं बना सकते हैं। 

अगर आबादी के पास ऐसा कुछ है तो उसे दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा। 

नपा द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। 

यहां बताना होगा कि इसी के चलते पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा नपा शिवपुरी पर जुर्माना भी लगाया गया है, 

क्योंकि वहां कचरे का मैनेजमेंट ठीक से नहीं हो रहा है और उसे वहां से शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। 

अस्थमा से लेकर कैंसर तक हो सकता है

इस संबंध में जब मेडिसिन स्पेशलिस्ट डा रीतेश यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि 

अगर ट्रेंचिंग ग्राउंड में सुलग रही आग से उठने वाला धुआं बस्ती में जा रहा है तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

 इसमें प्लास्टिक आदि जलती है जिसका धुआं कैंसर का बड़ा कारण है।

 इसके अलावा जिन लोगों को स्वसन संबंधी परेशानी है उनके लिए तो यह स्थिती और भी खतरनाक है

चौकीदार की मौजूदगी में भी आदिवासियों के बच्चे कचरे में से कबाड़ा बीनते हैं।

टेंचिंग ग्राउंड में कचरे में आग नहीं लगाई जा रही है। अगर किसी व्यक्ति ने वहां पर कचरे में आग लगाने का प्रयास किया है तो

मैं कल मामले की जांच करके बताऊंगा कि वहां आग कैसे लगाई गई। 

इशांक धाकड़

सीएमओ, नपा

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