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ट्रंप के टैरिफ कानून पर भारतवंशी वकील ने दिखाया दम, जानिए क्या हुआ? Trump Tariff Laws Struck Down
वाशिंगटन डी.सी. में, चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ कानूनों को रद्द कर दिया, जिससे उन्हें उनके दूसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा झटका लगा।
इस झटके की जड़ में भारतीय मूल के वकील नील कात्याल की दलीलें थीं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले में अहम भूमिका निभाई।
कात्याल ने छोटे व्यवसायों के एक समूह का अदालत में प्रतिनिधित्व किया और इसे "पूर्ण और निर्णायक जीत" बताया।
कात्याल ने कहा कि इस आदेश ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि राष्ट्रपति शक्तिशाली होते हैं, लेकिन अमेरिकी संविधान उससे भी कहीं अधिक शक्तिशाली है।
यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने कानून के शासन को बरकरार रखा है और पूरे अमेरिका में नागरिकों के लिए आवाज उठाई है।
अमेरिका में, केवल कांग्रेस को ही टैरिफ़ पर फैसला लेने का अधिकार है।
कात्याल ने इस फैसले को संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के अनुरूप बताया, जिसमें व्यापार और वाणिज्य के नियम निर्धारित हैं।
इस फैसले का विश्व व्यापार पर भी गहरा असर पड़ेगा।
विदेश व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम हो सकता है।
यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करता है, जो कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ कानून को रद्द किया।
- भारतवंशी वकील नील कात्याल ने निभाई अहम भूमिका।
- फैसला अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक मिसाल कायम करता है।
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Posted on 22 February 2026 | Stay updated with चाचा का धमाका.com for more news.