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छापेमारी में बंद हुई खदानों को फिर से खोलकर इकठ्ठा किया माल ठिकाने लगाने की तैयारी
बोले माइनिंग अधिकारी: छपे के दौरान नहीं थे लीजधारक, उनकी मौजूदगी में फिर होगी जांच
शिवपुरी। जिले में माइनिंग विभाग की खनन माफिया से सांठगांठ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दो माह पूर्व जिन खदानों के नाम पर छापामार कार्यवाही के बाद बंद किया था, अब उन्हें खुलवाने एवं अभी तक वहां इकठ्ठा किया गया माल ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अब दूसरी बार खदानों की जांच करने के लिए खदान माफिया ने माइनिंग विभाग को तैयार कर लिया है।
ज्ञात रहे कि बीते 10 दिसंबर 2025 को एसडीएम शिवपुरी आनंद सिंह राजावत सहित नायब तहसीलदार, माइनिंग इंस्पेक्टर सोनू श्रीवास एवं पुलिस की टीम ने बम्हारी क्षेत्र में खदानों पर छापा मारा था टीम में शामिल रहे माइनिंग इंस्पेक्टर सोनू श्रीवास ने बताया था कि नरेश गुर्जर की स्वीकृत लीज की जगह से बहुत दूर दूसरी जगह उत्खनन मिला, जिसमें लगभग 25 से 30 गाड़ी पत्थर तोड़ा गया। इसी तरह अशोक उपाध्याय की खदान भी दूसरी जगह चलती मिली, तो उसका पत्थर भी तोड़ने का दावा किया गया था।
छापामारी के बाद उक्त खदान क्षेत्रों में प्रशासन की टीम नहीं पहुंची, तथा इस दौरान खनन माफिया ने मौके पर पड़े लगभग 100 ट्रक माल।को इकठ्ठा कर लिया है। उक्त माल उठाने के लिए खदानों को खोलना जरूरी है, इसलिए अब लीजधारकों ने माइनिंग के माध्यम से पुनः खदानों की जांच कराए जाने की मांग की है। चूंकि माल में बंटवारा सभी को मिलेगा, इसलिए माइनिंग ने भी पुनः जांच के लिए स्वीकृति दे दी है। जब इस संबंध में जिला माइनिंग अधिकारी रामसिंह उइके का कहना है कि जब छापामार कार्यवाही की थी, तब खदान लीजधारक नहीं थे, अब वो अपनी उपस्थिति में जांच करवाना चाहते हैं। तथा उनकी यह मांग जायज भी है। यानि जिन लीजधारकों।को अवैध उत्खनन करते हुए प्रशासनिक टीम ने मौके पर पकड़ा, अब उनका इकठ्ठा किया गया माल ठिकाने लगवाने के लिए माइनिंग विभाग उनका सहयोगी बन गया है।
शिवपुरी में ग्रेनाइट खदान हुई नीलाम
शिवपुरी जिले में लाल और सफेद पत्थर के बाद अब ग्रेनाइट पत्थर की खदान भी मिली है, जिनमें से एक खदान बिची करेरा में 4 हेक्टेयर का एग्रीमेंट हो चुका है। ग्रेनाइट की दूसरी खदान पिछोर के ग्राम बरेठा में निकली है।
