आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर जमीनी मुद्दा उठाकर धमाल मचा दिया।





Jitendra jain jila shivpuri  समाचार 

आम आदमी पार्टी के

 सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर जमीनी मुद्दा उठाकर धमाल मचा दिया।

 "बैग में 1 किलो ज्यादा वजन हो तो हजारों रुपये कट जाते हैं, लेकिन फ्लाइट 3 घंटे लेट हो जाए तो एयरलाइंस चुप क्यों रहती हैं?"

 ये सवाल हर हवाई यात्री सोचता है। संसद में गूंजते ही सोशल मीडिया पर #RaghavKaSawaal ट्रेंड करने लगा। राघव ने सरकार को घेरा – पैसेंजर्स के अधिकार कौन बचाएगा? विपक्ष ने तालियां पीटीं, जबकि सत्ताधारी खेमे में खलबली मच गई।

एयरलाइंस की ज्यादतियां

भारतीय एविएशन बूम में है, लेकिन पैसेंजर्स परेशान। चेक-इन बैग, हैंडबैग, सीट फीस – हर चीज पर चार्ज। लेकिन डिले, कैंसिलेशन पर कंपनसेशन? नाममात्र का। DGCA नियम हैं – 2 घंटे लेट पर खाना, 3 घंटे पर रिफंड – लेकिन लागू कौन करता? राघव ने उदाहरण दिए: दिल्ली-मुंबई फ्लाइट 4 घंटे लेट, पैसेंजर एयरपोर्ट पर भूखा-प्यासा। एयरलाइंस प्रॉफिट कमातीं, नियम तोड़तीं। मिडिल क्लास, स्टूडेंट्स सब मार झेलते। राघव की मांग – सख्त कानून, ऑटोमैटिक रिफंड और पेनल्टी।

राघव की स्पीच स्टाइल

पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव हमेशा हास्य, तथ्य और अपील से बोलते हैं। ये सवाल मास्टरस्ट्रोक था – सीधा, सटीक और वायरल। पहले किसान, नौजवान मुद्दे उठाए, अब एविएशन। फैंस कह रहे, "राघव ही आम आदमी की आवाज!" सरकार ने जांच का भरोसा दिया, लेकिन असली बदलाव कब?

बदलाव की उम्मीद

ये सिर्फ एविएशन नहीं, कंज्यूमर राइट्स का सवाल। हर यात्री चाहता – फेयर ट्रांसपोर्ट। राघव ने जागरूकता फैलाई। अगर नियम बने, एयरलाइंस जिम्मेदार होंगी। संसद में आम मुद्दे गूंजना लोकतंत्र की जीत। पैसेंजर्स को न्याय मिलेगा – शायद जल्द ही फ्लाइट डिले पर मुआवजा मिले। राघव चड्ढा, आपने दिल जीत लिया!

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