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Jitendra jain jila shivpuri समाचार
होटल युवराज में छात्रा की मौत के मामले में “क्या आरोपी को क्लीन चिट दे रही हैं थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया !
होटल युवराज कांड: मौत का 'सस्पेंस' या खाकी की 'क्लीन चिट'? स्टाफ बोला- कोई बाहर नहीं गया !
टीआई ने प्रेमी को क्यों छोड़ा
छात्रा को OYO होटल लेकर कौन गया !
आखिर प्रेमी को छात्रा से OYO होटल में क्या काम था !
प्रेमी ने होटल के स्टाप से झूठ क्यों बोला की छात्रा की तवियत खराब हो गई हैं !
आज दिनाँक तक होटल के CCTV कैमरे सार्वजनिक क्यों नहीं किए !
शिवपुरी। फिजिकल थाना क्षेत्र के खिन्नी नाके पर स्थित होटल युवराज में 16 फरवरी को हुई 20 वर्षीय छात्रा नैनसी राठौर की संदिग्ध मौत अब एक गहराता हुआ राज बन चुकी है।
थाना प्रभारी (TI) नम्रता भदौरिया की संदिग्ध कार्यप्रणाली ने जनता के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। आखिर पुलिस किसे बचाने की कोशिश कर रही है!
नैनसी अपने घर से 'कॉलेज का फॉर्म' भरने की बात कहकर निकली थी!
अंकुश रावत के साथ होटल युवराज के कमरा नंबर 308 में कैसे पहुंची!
घटना के दिन का घटनाक्रम किसी फिल्मी पटकथा जैसा संदिग्ध है।
होटल स्टाफ के अनुसार, लड़का (अंकुश) लड़की को बेहोशी की हालत में नीचे लेकर आया।
झूठ का खेल: अंकुश ने स्टाफ से कहा कि "लड़की की तबीयत अचानक खराब हो गई है।"
उसने यह क्यों छिपाया कि मामला फांसी का है !
उसने शोर क्यों नहीं मचाया !
उसने चुपचाप उसे कार में रखवाकर वहां से निकलने की जल्दी क्यों दिखाई!
क्या यह साक्ष्यों को मिटाने और अपराध को 'हादसा' बताने की कोशिश थी !
फिजिकल थाना प्रभारी (TI) की थ्योरी पर 'सवालिया निशान'
इस पूरे मामले में फिजिकल थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया का रुख बेहद नरम और संदिग्ध नजर आ रहा हैं
टीआई का कहना है कि लड़के के मुताबिक वह कमरे से बाहर गया था,
जबकि होटल स्टाफ का साफ कहना है कि कमरा बुक करने के बाद कोई भी बाहर नहीं गया था।
तीखा सवाल: आखिर टीआई मेडम आरोपी के बयान को ही 'अंतिम सच' क्यों मान रही हैं !
होटल स्टाफ और सीसीटीवी फुटेज की सच्चाई को दरकिनार कर आरोपी अंकुश को हिरासत से क्यों छोड़ दिया गया
क्या पुलिस उसे भागने या गवाहों को प्रभावित करने का मौका दे रही है
पंखा, दुपट्टा और भौतिक असंभवता
होटल के कमरों में पंखे काफी ऊंचाई पर होते हैं।
नैनसी ने अकेले बिना किसी स्टूल या सहारे के इतनी जल्दी दुपट्टे का फंदा कैसे तैयार कर लिया
टीआई के पास इस 'भौतिक सत्य' का कोई जवाब नहीं है।
पीएम रिपोर्ट के पुलिस का यह मान लेना कि यह 'आत्महत्या' है, उसकी नीयत पर सवाल खड़े करता है।
सवाल हैं की जब होटल स्टाफ कह रहा है कि कोई बाहर नहीं गया, तो
टीआई लड़के की 'बाहर जाने वाली थ्योरी' का समर्थन क्यों कर रही हैं
अंकुश ने स्टाफ से झूठ क्यों बोला कि लड़की की 'तबीयत खराब' है
पुलिस ने इस झूठ पर उसे रिमांड पर क्यों नहीं लिया
होटल युवराज के पास इस तरह की 'ऑफलाइन' बुकिंग का वैध अधिकार था
क्या होटल प्रबंधन पर कार्रवाई होगी
सीसीटीवी फुटेज अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए !
क्या उन्हें 'एडिट' करने का समय दिया जा रहा है
नैनसी की मौत महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक छात्रा के भरोसे और सुरक्षा की हत्या है।
पुलिस की 'मर्ग कायम कर जांच' वाली सुस्त चाल और आरोपी को दी गई 'ढील' चीख-चीख कर कह रही है
सिस्टम में कहीं न कहीं खोट है।
शिवपुरी की जनता पूछ रही है- "मैडम टीआई, न्याय कब होगा या फाइल धूल फांकती रहेगी
अखबारों की सुर्खियां भी बना हुआ हैं
सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हैं
फ़िलहाल PM रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।
