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सफलता की कहानी
युवा पशुपालक वीरू ओझा ने पशुपालन को बनाया आत्मनिर्भरता का माध्यम
शिवपुरी, 10 फरवरी 2026
ग्राम नौहरीखुर्द, जिला शिवपुरी के युवा पशुपालक वीरू ओझा ने वैज्ञानिक पशुपालन एवं शासन की योजनाओं का लाभ लेकर सफल आजीविका का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
वीरू ओझा ने कृषि संकाय से स्नातक शिक्षा प्राप्त की है।
उन्होंने कोरोना काल के दौरान पशुपालन कार्य प्रारंभ किया।
शुरुआत में उनके पास केवल दो पशु थे, लेकिन निरंतर मेहनत, विभागीय मार्गदर्शन एवं नवाचार के माध्यम से उन्होंने पशुओं की संख्या बढ़ाई, जिससे आय में भी निरंतर वृद्धि हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल सेक्स सॉर्टेड सीमेन योजना के अंतर्गत कलेक्टर के निर्देशन में वीरू ओझा द्वारा अपनी गायों का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया,
जिसका शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ।
वर्तमान में उनके पास कुल छह बछड़े हैं,
जिनमें गिर एवं साहीवाल नस्ल के पशु शामिल हैं। उनके पास एक ऐसी गाय भी है
प्रतिदिन 16 से 17 लीटर दूध उत्पादन कर रही है।
वीरू ओझा के पास कुल 16 पशु हैं,
गाय एवं भैंस शामिल हैं।
पशुपालन के माध्यम से उन्हें प्रतिदिन लगभग 3 से 4 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है,
मासिक रूप से लगभग 1 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित हो रही है।
वीरू ओझा ने बताया कि पशुपालन में अपार संभावनाएं हैं।
पशुपालन विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र से तकनीकी जानकारी प्राप्त करें
मध्यप्रदेश शासन की डेयरी प्लस योजना जैसी योजनाओं का लाभ लेकर पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार अपनाएं।

