Jitendra jain jila shivpuri समाचार
कैंसर के खिलाफ जंग में नई उम्मीद — रूस की बड़ी वैज्ञानिक पहल
दुनिया भर में करोड़ों लोग कैंसर से जूझ रहे हैं। ऐसे में रूस के नेशनल मेडिकल रिसर्च रेडियोलॉजी सेंटर से आई एक खबर ने वैज्ञानिक जगत में नई उम्मीद जगा दी है।
उन्होंने एक नई प्रायोगिक कैंसर वैक्सीन “एंटेरोमिक्स (Enteromix)” पर उत्साहजनक नतीजे साझा किए हैं। यह वैक्सीन आधुनिक mRNA तकनीक और वायरल-वेक्टर पद्धति का संयोजन है — यानी विज्ञान की दो उन्नत तकनीकों को मिलाकर तैयार की गई एक नई कोशिश।
जानवरों पर हुए परीक्षणों में सामने आए परिणाम: ट्यूमर का आकार 60–80% तक घटा
कैंसर की वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी
जीवन-अवधि में बढ़ोतरी देखी गई
वैज्ञानिकों के अनुसार, ये शुरुआती नतीजे “सावधानी भरी उम्मीद” देने वाले हैं।
हालाँकि, अभी यह वैक्सीन मानव उपयोग के लिए मंज़ूर नहीं है।
जानवरों पर परीक्षण का चरण पूरा हो चुका है और अब अगला कदम होगा —
नियामक मंज़ूरी
इंसानों पर क्लिनिकल ट्रायल
विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि असली परीक्षा अब शुरू होगी।
इंसानों पर परीक्षण से ही यह तय होगा कि यह वैक्सीन कितनी सुरक्षित है, कितनी असरदार है, और वास्तव में मरीजों के लिए कितनी उपयोगी साबित हो सकती है।
अगर एंटेरोमिक्स आगे की सभी मंज़ूरियाँ सफलतापूर्वक पार कर लेता है, तो यह भविष्य में कैंसर उपचार की नई पीढ़ी का हिस्सा बन सकता है —
खासकर उन मरीजों के लिए, जिन्हें मौजूदा इलाजों से सीमित लाभ मिलता है।
फिलहाल यह इलाज नहीं, लेकिन एक उम्मीद की शुरुआत ज़रूर है।
एक ऐसा कदम, जो हमें उस भविष्य की ओर ले जा सकता है जहाँ कैंसर को बेहतर तरीके से नियंत्रित, इलाज या शायद रोकना भी संभव हो सके।
विज्ञान धीरे चलता है…
लेकिन जब चलता है, तो इंसानियत के लिए रास्ते खोल देता है
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