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अंकिता भंडारी केस: VIP रहस्य पर अनिल जोशी ने क्यों उठाई आवाज़? | राष्ट्रीय Ankita Bhandari Murder Case Revisited
उत्तराखंड से चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।
उत्तराखंड सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है, जिसके साथ ही पर्यावरणविद पद्मश्री अनिल जोशी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर भी सुर्खियों में है।
अनिल जोशी ने 9 जनवरी को देहरादून के वसंत विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी के शामिल होने पर सवाल उठाए गए थे और जांच की मांग की गई थी।
पुलिस ने इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की, जिसमें अज्ञात वीआईपी को लेकर जांच की आवश्यकता बताई गई है।
अनिल जोशी द्वारा दर्ज कराई गई इस एफआईआर पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि इसमें अंकिता भंडारी के परिजनों को शामिल नहीं किया गया है।
इसका मतलब है कि मुकदमा अनिल जोशी, कथित अज्ञात वीआईपी और सरकार के बीच ही सीमित रहेगा, और अंकिता के परिजनों के पास मुकदमे की कोई सीधी पहुंच नहीं होगी।
यदि कभी अनिल जोशी पीछे हटते हैं, तो अंकिता के परिवार के पास मामले को आगे बढ़ाने का कोई कानूनी आधार नहीं होगा।
यह घटनाक्रम देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।
इस बीच, यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर राजनैतिक रंग भी ले सकता है, क्योंकि विपक्षी दल सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि वह वीआईपी के नाम का खुलासा करे।
देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है और क्या अंकिता के परिवार को न्याय मिल पाता है।
पूरे भारत की नज़र इस मामले पर टिकी हुई है।
- अनिल जोशी ने अंकिता हत्याकांड में VIP की भूमिका पर FIR दर्ज कराई।
- उत्तराखंड सरकार ने CBI को सौंपी अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच।
- अंकिता के परिजनों को FIR में शामिल न करने पर सवाल उठे।
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Posted on 12 January 2026 | Check चाचा का धमाका.com for more coverage.