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SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: चुनाव आयोग की मनमानी नहीं! क्या है मामला? Supreme Court Reviews Voter Education
नई दिल्ली: चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने SIR (Systematic Voter Education and Electoral Participation) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को चुनाव आयोग को पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग मनमानी नहीं कर सकता और प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए।
अदालत ने यह भी पूछा कि क्या SIR नियमों से हटकर हो सकती है।
इस पर चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि वोटर लिस्ट की जांच करना न्यायसंगत और सही है, और कोर्ट को इस प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर देना चाहिए।
एडवोकेट द्विवेदी ने आगे कहा कि कुछ NGO और नेताओं के कहने पर हर मामले की जांच नहीं हो सकती।
उन्होंने बिहार में हटाए गए 66 लाख लोगों के नामों का हवाला देते हुए कहा कि उनमें से किसी ने भी कोर्ट में शिकायत नहीं की है।
द्विवेदी ने यह भी टिप्पणी की कि आजकल चुनाव आयोग (ECI) को गाली देकर चुनाव जीतना एक फैशन बन गया है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि ECI का मकसद यह देखना था कि कोई व्यक्ति भारत का नागरिक है या नहीं, अथवा वह अवैध प्रवासी है।
जांच में माता-पिता की नागरिकता की भी जांच की जाती है, खासकर यह देखने के लिए कि वे अवैध प्रवासी तो नहीं हैं।
यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है क्योंकि यह चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, जो देश के लोकतंत्र का आधार है।
सरकार इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री ने भी निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
- सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने को कहा।
- कोर्ट ने पूछा, क्या SIR नियमों से हटकर हो सकती है? चुनाव आयोग ने दी सफाई।
- चुनाव आयोग बोला- हमें गाली देकर चुनाव जीतना फैशन बन गया है।
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Posted on 23 January 2026 | Check चाचा का धमाका.com for more coverage.