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धर्म को योग से जोड़ना क्यों जरूरी? पं. विजयशंकर मेहता का राजनीतिक विश्लेषण Religion Politics Deep Contemplation
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, पंडित विजयशंकर मेहता ने धर्म और राजनीति के वर्तमान परिदृश्य पर एक गहरा चिंतन प्रस्तुत किया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धर्म को योग से जुड़ना होगा, क्योंकि मशीनी युग में यह अत्यंत आवश्यक है।
मेहता जी का मानना है कि जिस प्रकार शिक्षा को तकनीक के साथ-साथ कला का भी सहारा लेना चाहिए, उसी प्रकार धर्म को भी केवल कर्मकांड या राजनीति की शरण में नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने भक्तिकाल के संतों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने धर्म को निष्प्राण होने से बचाया था।
आज धर्म एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है, जहां धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार मार्ग हैं।
बुद्धिमानी इसी में है कि लक्ष्य निर्धारित करके सही मार्ग पर चला जाए।
वर्तमान में, कुछ लोग धर्म को राजनीति में ले जा रहे हैं, जबकि कुछ शुद्ध कर्मकांड की ओर अग्रसर हैं, जिससे धर्म का मूल उद्देश्य कहीं खो रहा है।
ऐसे में, धर्म को योग से जोड़कर उसे एक नई दिशा देने की आवश्यकता है, ताकि यह समाज के लिए अधिक प्रासंगिक और उपयोगी बन सके।
यह विश्लेषण विशेष रूप से कांग्रेस और बीजेपी जैसी राजनीतिक पार्टियों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि धर्म और नैतिकता राजनीति के अभिन्न अंग हैं।
- धर्म को योग से जोड़ना मशीनी युग की आवश्यकता: विजयशंकर मेहता
- भक्तिकाल के संतों ने धर्म को निष्प्राण होने से बचाया: मेहता
- राजनीति और कर्मकांड से दूर, धर्म को योग से जोड़ें: विजयशंकर मेहता
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Posted on 24 January 2026 | Follow चाचा का धमाका.com for the latest updates.