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गणेश आरती: आध्यात्मिक शक्ति और मनोकामना पूर्ति का मार्ग, धर्म का प्रकाश Lord Ganesha Aarti Auspicious Beginning
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता के रूप में जाना जाता है, की आरती का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।
किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले गणेश जी की पूजा और आरती करने की परंपरा है।
यह माना जाता है कि भगवान गणेश की पूजा-आरती करने से व्यक्ति के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
गणेश जी की आरती के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है, इसलिए पूजा के अंत में उनकी आरती अवश्य की जाती है।
भगवान गणेश को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए, पूजा के बाद गणेश जी की आरती करना अनिवार्य है।
गणेश जी की प्रसिद्ध आरती, 'सुखकर्ता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची', भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
इस आरती में भगवान गणेश के रूप और उनकी महिमा का वर्णन किया गया है।
यह आरती न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी बहुत शक्तिशाली मानी जाती है।
नियमित रूप से इस आरती का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
गणेश जी की पूजा और आरती भारतीय संस्कृति और धर्म का एक अभिन्न अंग है।
- गणेश आरती से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
- पूजा के अंत में गणेश जी की आरती करना अनिवार्य है।
- नियमित आरती से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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Posted on 13 January 2026 | Follow चाचा का धमाका.com for the latest updates.