कोई टाइटल नहीं



 Jitendra jain jila shivpuri  समाचार.                            

 थाने से 2000 लीटर जब्त शराब 'गायब', ड्रमों में मिला पानी; रक्षक ही बने भक्षक


शिवपुरी। सतनवाड़ा पुलिस की कस्टडी से तस्करों से जब्त की गई 2020 लीटर अवैध शराब चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अब ड्रमों में शराब की जगह पानी भरा मिला है। इस मामले में जब्ती करने वाले एएसआई सतेन्द्र सिंह भदौरिया पिछले 10 महीनों से न्यायालय में पेश नहीं हुए हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।

नियमों को ताक पर रखकर जब्त शराब को न तो मालखाने में दर्ज किया गया और न ही विधिवत सील किया गया, जिससे पुलिस की मिलीभगत की बू आ रही है। बार काउंसिल के अध्यक्ष एडवोकेट विजय तिवारी ने आईजी को पत्र लिखकर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

खड़े होते गंभीर सवाल:

1. जब पुलिस परिसर ही सुरक्षित नहीं, तो कानून-व्यवस्था पर जनता कैसे भरोसा करे?

2. क्या पुलिसकर्मियों ने साक्ष्यों को मिटाने के लिए खुद ही शराब चोरी कर पानी भरा?

3. वारंट जारी होने के बावजूद एक एएसआई 10 महीने तक पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे रह सकता है?

4. क्या थाना प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस पूरी 'हेराफेरी' से अनजान थे?

5. मालखाने की एंट्री और जब्ती रिकॉर्ड में अंतर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा दाग नहीं है?

6. क्या यह जहरीली शराब फिर से बाजार में खपा दी गई, जिससे आम जनमानस की जान को खतरा हो सकता है?

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने