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ईरान में सत्ता परिवर्तन? क्या इस्लामिक हुकूमत खतरे में? राजनीतिक विश्लेषण Iran Regime Faces Uprising
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में चल रही उथल-पुथल ने एक बार फिर इस्लामिक गणराज्य के अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर माहौल गरमा रहा है, जिससे ईरान के बाहर सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं।
1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान ने कई आंतरिक अशांति के दौर देखे हैं, जो राजनीतिक सुधार आंदोलनों, आर्थिक चिंताओं, सामाजिक प्रतिबंधों या किसी तात्कालिक कारणों से शुरू हुए।
हालांकि, हर आंदोलन के बावजूद व्यवस्था कायम रही है, क्योंकि इस्लामिक क्रांति ने सिर्फ शाह को हटाकर नई सरकार नहीं बनाई, बल्कि विचारधारा, धर्मगुरु की सत्ता और सुरक्षा तंत्र को एक-दूसरे से जोड़ा है।
इस व्यवस्था के केंद्र में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) है, जो सीमाओं की रक्षा करने वाली परंपरागत सेना मात्र नहीं, बल्कि क्रांति की संरक्षक है।
आईआरजीसी का अस्तित्व इस्लामिक रिपब्लिक से अलग नहीं किया जा सकता।
अरब स्प्रिंग के दौरान मिस्र और तुर्किए में सेनाओं ने राज्य की रक्षा की थी, लेकिन आईआरजीसी की भूमिका उससे अलग है।
ईरान की राजनीति में आईआरजीसी की गहरी पैठ है और यह राजनीतिक फैसलों को भी प्रभावित करती है।
ऐसे में, वर्तमान विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, इस्लामिक हुकूमत की स्थिरता को कम करके आंकना गलत होगा।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नेता इस चुनौती का सामना करने के लिए एकजुट रहते हैं।
आगामी चुनाव इस संदर्भ में महत्वपूर्ण होंगे।
- ईरान में विरोध प्रदर्शनों से सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज।
- 1979 की क्रांति के बाद भी कायम है इस्लामिक शासन।
- आईआरजीसी: क्रांति का संरक्षक और सत्ता का महत्वपूर्ण अंग।
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Posted on 15 January 2026 | Visit चाचा का धमाका.com for more stories.