World news:
क्या भारत-EU समझौता US से बेहतर? वैश्विक व्यापार का नया गणित India, Eu Defense Cooperation
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और यूरोप अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते की ओर बढ़ रहे हैं, जो वैश्विक शक्ति संतुलन को बदल सकता है।
फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान सौदे के बाद, भारत और ईयू एक सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में हैं, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है।
यह समझौता भारत और ईयू के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता है जो न केवल इन दोनों के लिए बल्कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में पूरे विश्व की आवश्यकता है।
दोनों मिलकर वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा हैं और इनकी सम्मिलित आबादी लगभग 1.9 अरब है।
भारत और अमेरिका के बीच अभी तक पूर्ण मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) नहीं हो पाया है, जिसमें कृषि एक प्रमुख बाधा बनी हुई है।
राजनीतिक रूप से संवेदनशील यह क्षेत्र उस समझौते में भी शामिल नहीं हो पाया है, जिस पर भारत और अमेरिका के बीच विचार चल रहा है।
ऐसे में, भारत-ईयू समझौते को एक बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
यह समझौता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए आयाम स्थापित कर सकता है।
यह विदेश नीति और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इस समझौते से भारत और ईयू दोनों को ही लाभ होगा, और यह विश्व अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।
संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर भी इस समझौते का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
- भारत-EU रक्षा समझौता: वैश्विक शक्ति संतुलन बदलेगा?
- कृषि बाधा: भारत-अमेरिका FTA अभी भी अधूरा।
- ग्लोबल GDP का 25%: भारत-EU मिलकर बनाएंगे।
Related: Education Updates | Latest National News
Posted on 26 January 2026 | Follow चाचा का धमाका.com for the latest updates.