स्वामी अवधेशानंद जी ने बताया, कैसे मंदिर समान शरीर को रखें स्वस्थ? | धर्म Body Temple Precious God Gift

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स्वामी अवधेशानंद जी ने बताया, कैसे मंदिर समान शरीर को रखें स्वस्थ? | धर्म Body Temple Precious God Gift

जीवन ईश्वर का दिया हुआ अनमोल उपहार है।

चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, शास्त्रों में हमारे शरीर को मंदिर के समान बताया गया है, जिसकी निंदा नहीं करनी चाहिए।

शरीर की रक्षा करना आवश्यक है, क्योंकि धर्म और अच्छे कर्म इसी के माध्यम से संभव हैं।

जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने जीवन में उन्नति के लिए शरीर को स्वस्थ रखने के महत्व पर प्रकाश डाला है।

स्वामी अवधेशानंद जी का कहना है कि जो लोग समय पर सोते और जागते हैं, तथा अपने दैनिक कार्य समय पर करते हैं, वे अपने शरीर का भली-भांति ध्यान रखते हैं।

ऐसा करने से शरीर स्वस्थ रहता है और हमें अधिक शक्ति, ऊर्जा, और काम करने की क्षमता मिलती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा शरीर एक मंदिर की तरह है, और यदि हम इसका ध्यान रखेंगे, तो यह हमें काम करने की शक्ति देता रहेगा।

इसलिए, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं और जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इस प्रकार, स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने जीवन के इस महत्वपूर्ण सूत्र को साझा करते हुए स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को उजागर किया है, जो आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

  • शरीर को मंदिर मानकर करें रक्षा: स्वामी अवधेशानंद
  • समय पर सोना-जागना और काम करना है स्वस्थ जीवन का राज
  • शरीर स्वस्थ तो धर्म और कर्म भी सफल: स्वामी अवधेशानंद जी

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Posted on 07 January 2026 | Check चाचा का धमाका.com for more coverage.

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