Jitendra jain jila shivpuri. समाचार
अमोला में गोवंश पर अमानवीय अत्याचार, पैरों में ठोकी गईं लोहे की कीलें*
*गौ सेवक कल्लू महाराज ने की दोषियों पर कड़ी कार्रवाई व गौशाला निर्माण की मांग**
करैरा तहसील के ग्राम नये अमोला क्षेत्र में गोवंश के साथ हुई अमानवीय और हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
खेतों की फसलों की सुरक्षा के नाम पर कुछ असंवेदनशील लोगों द्वारा बेसहारा और भूखे गोवंश के पैरों में लोहे की कीलें ठोक दी गईं और तारों से बांध दिया गया,
जिससे गोवंश की स्थिति अत्यंत दर्दनाक और असहनीय हो गई। यह कृत्य न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य भी है घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामवासियों में आक्रोश फैल गया।
जब ग्रामीणों ने गोवंश को इस पीड़ादायक हालत में देखा तो उन्होंने तुरंत मानवता का परिचय देते हुए गोवंश को तारों और लोहे की कीलों से मुक्त कराया।
इस सराहनीय कार्य में मुकेश तिवारी, आकाश यादव, संजीव गुर्जर, लाला ठाकुर, राहुल परिहार सहित कई ग्रामवासियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर गोवंश को राहत पहुंचाई और उसकी पीड़ा को कम करने का प्रयास किया।
गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गौ सेवक कल्लू महाराज ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए
इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि “बेज़ुबान गोवंश पर इस प्रकार का अत्याचार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
गोवंश की रक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।”
गौ सेवक कल्लू महाराज ने थाना प्रभारी से मांग की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए
तथा उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का कृत्य करने का साहस न कर सके।
साथ ही पीड़ित गोवंश के समुचित उपचार और संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि नये अमोला सहित आसपास के क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश की संख्या लगातार बढ़ रही है,
जिससे ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम नये अमोला में सुव्यवस्थित गौशाला निर्माण की मांग की,
जहां गोवंश के लिए चारा, पानी, चिकित्सा और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था हो।
कल्लू महाराज ने जिले की सभी विधानसभाओं के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और प्रत्येक हिंदू परिवार से आह्वान किया कि यह समय सोने का नहीं, बल्कि जागने का है।
उन्होंने कहा कि “यदि आज गौ माता सुरक्षित नहीं हुई, तो आने वाली पीढ़ियां केवल तस्वीरों में ही गौ माता को देख पाएंगी।
अंत में उन्होंने समाज से इस विषय को गंभीरता से लेने, दोषियों के खिलाफ आवाज उठाने और गौ संरक्षण के लिए एकजुट होने की अपील की।
यह घटना पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि यदि अब भी हम नहीं जागे, तो गोवंश पर अत्याचार रुकना कठिन होगा।
