कृषि छात्रों ने जिले में पूर्ण किया ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं सीखे उद्यमिता के व्यावहारिक गुण

 

Jitendra jain jila shiv



puri समाचार

कृषि छात्रों ने जिले में पूर्ण किया ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं सीखे उद्यमिता के व्यावहारिक गुण

शिवपुरी, 23 जनवरी 2026/ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय ग्वालियर से विगत सितम्बर 2025 में आये कृषि स्नातक के चतुर्थ वर्ष के छात्रों के डिग्री कोर्स में शामिल ग्रामीण 

कृषि कार्य अनुभव सह एग्रो इंडस्ट्रीज अटैचमेंट के तहत वर्ष 2025-26 के दौरान 5 माह की अवधि में सितम्बर 2025 से जनवरी 2026 शिवपुरी जिले में व्यावहारिक अध्ययन के साथ पूर्ण किया। 

यह कार्य कृषि विज्ञान केन्द्र शिवपुरी के प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार के निर्देशन में रावे प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार भार्गव के समन्वय से ग्राम पंचायत रातौर के

 28 कृषकों के साथ कृषि महाविद्यालय ग्वालियर के छात्रों द्वारा खरीफ एवं रबी फसलों, उद्यानिकी, पशुपालन, मृदा प्रबंधन इत्यादि अध्ययन के साथ पूर्ण किया गया। 

जिसमें ग्राम पंचायत रातौर के सरपंच रामकुमार धाकड़ का विशेष सहयोग रहा।

कृषि उद्यमिता के लिए जिले की उत्कृष्ट बीज उत्पादक हरदौल एग्रीकल्चर मार्केटिंग एवं प्रोड्यूसर कंपनी के साथ एग्रो इंडस्ट्रीज अटैचमेंट 28 दिसंबर 2025 से 24 जनवरी 2026 की अवधि में बीज उत्पादन श्रृंखला, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण इकाई, टैगिंग एवं विपणन का कुशलतापूर्वक व्यावहारिक ज्ञान लिए और प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार कराई गई।

इस शैक्षणिक अध्ययन के दौरान कृषि छात्रों को जिले की प्रमुख कृषि संबंधित व्यवसायों / प्रतिष्ठानों इत्यादि में टमाटर प्रसंस्करण इकाई, कस्टम हायरिंग सेवाओं के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग, सांची दुग्ध संग्रहण सह शीतगृह केन्द्र, सुदाना एवं मानव म.प्र. शासन एवं नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के समन्वय में संचालित पशु आहार निर्माण फैक्ट्री, राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केन्द्र ए.व्ही.एफ.ओ.टी.सी., भेड़ ऊन श्रेणीकरण, नगदी फसलों की उद्यमिता में ग्राम रातौर में मांगीलाल एवं रामकुमार धाकड़ के प्रक्षेत्र पर विशेष भ्रमण तथा दुग्ध उत्पादन सह विपणन नस्ल सुधार एवं चारा उत्पादन की आदर्श इकाई के लिए ग्राम नोहरी में युवा पशुपालक वीरू ओझा के डेयरी प्रक्षेत्र एवं जिले में पर्यावरणीय दृष्टिकोण से वानस्पतिक जैवविविधता सह झील में जलीय खरपतवार नियंत्रण के लिए माधव टाइगर रिजर्व में भी शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। 

जिला प्रशासन की पहल पर प्राकृतिक एवं जैविक हाट बाजार में विशेष सहभागिता और प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन गतिविधियों में विशेषक टमाटर, शिमला मिर्च इत्यादि फसलों को प्राकृतिक खेती विद्या से कराने की गतिविधियों में छात्रों द्वारा कृषकों एवं जनसामान्य को जाग्रत भी किया गया। उपरोक्त रावे अध्ययन में कुल 28 कृषि छात्रों की एवं कृषि उद्यमिता में 22 छात्रों की सहभागिता रही। कृषि स्नातक पाठ्यक्रम के सह व्यावहारिक शैक्षणिक अध्ययन से कृषि छात्र भविष्य में कृषि, पशुपालन, कृषि व्यवसाय इत्यादि के क्षेत्र में सफल उद्यमिता, सेवा, स्वरोजगार एवं नए स्टार्टअप के क्षेत्र में दक्ष होकर आत्मनिर्भर भारत के प्रयास में अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करेंगे। इस कार्यक्रम को पूर्ण कराने में जिले के कृषि एवं संबंधित विभागों के प्रमुख एवं सहयोगी की विशेष भूमिका रही।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने