भगवान के भरोसे है वीनस से जाएगी मंडल अध्यक्ष की कुर्सी..?, जसमंत व सिंधिया के खास होने पर मिला था पद



 Jitendra jain jila shivpuri  समाचार.                            भगवान के भरोसे है वीनस से जाएगी मंडल अध्यक्ष की कुर्सी..?, जसमंत व सिंधिया के खास होने पर मिला था पद

पहाड़ी के पीछे जमीन होने की वजह से नहीं मिल पा रहे थे दाम, अब हाइवे से जुड़ते ही बढ़े रेट 

शिवपुरी। जिले की करेरा विधानसभा के भाजपा मंडल अध्यक्ष वीनस गोयल और उनके भाइयों पर पहाड़ी काटंकर उसकी मुरम और बोल्डर बेचने के फेर में हुआ 54 करोड़ का जुर्माना होने के बाद क्या मंडल अध्यक्ष की कुर्सी बची रहेगी..?। यह सवाल करेरा सहित जिले के लोग भी जानना चाहते हैं, क्योंकि वीनस भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास हैं। जिसके चलते भाजपा में आयातित कांग्रेसी होने पर भी यह पद मिल गया था, और उन्होंने नेतागिरी की आड में हाइवे और अपनी निजी जमीन के बीच बाधा बन रही पहाड़ी को ही काटकर अपने जमीन के रेट बढ़ा लिए। महत्वपूर्ण बात यह है कि वीनस जुर्माना भरे या उसकी कुर्सी रहे या नहीं, लेकिन पहाड़ी को खत्म करके पर्यावरण का जो नुकसान किया है, उसकी भरपाई कैसे होगी..?

कौन है वीनस

वीनस गोयल उस समय से कांग्रेस की राजनीति कर रहा है, जब जसमंत जाटव कांग्रेस में उतने सक्रिय नहीं थे, तथा उस दौरान वीनस के यहां बैठक होती थी। जसमंत विधायक बने तो वीनस कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष बने। बाद में जब सिंधिया खेमे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा, तो वीनस भी भाजपा में आयातित कांग्रेसी के रूप में आए। पार्टी बदलने के इनाम में मंडल अध्यक्ष का पद मिल गया। 

दो गुटों में भाजपा

करेरा में एक गुट विधायक रमेश खटीक का और दूसरा भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव का है। चूंकि करेरा विधानसभा ग्वालियर लोकसभा में आती है, इसलिए ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह और विधायक नजदीक हैं। ऐसे में जमानत गुट के वीनस गोयल की कुर्सी बच पाएगी, इसमें संशय ही है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने