Jitendra jain jila shivpuri समाचार
गरीब बच्चों को पढ़ाने का जुनून:1 बच्चे से शुरू हुई पहल,आज 65 बच्चों को मिल रही निशुल्क शिक्षा !
कोलारस।
शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं—इस कथन को सच कर दिखाया है ग्राम लुकवासा के अभिनव रघुवंशी ने।
एक छोटे से संकल्प से शुरू हुई उनकी पहल आज गांव के 65 गरीब व जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को रोशन कर रही है।
अभिनव रघुवंशी राशन दुकान का संचालन करते हैं।
एक दिन राशन लेने आए बच्चों से जब उन्होंने नाम लिखने को कहा और कई बच्चे अपना नाम तक नहीं लिख पाए
तभी उन्होंने ठान लिया कि गांव के बच्चों को शिक्षित करना है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने ही बच्चे को पढ़ाने से शुरुआत की और फिर अन्य बच्चों को भी निशुल्क पढ़ाने लगे।
9 जुलाई 2025 से चल रही है निशुल्क कोचिंग
ग्राम लुकवासा में 9 जुलाई 2025 को निशुल्क कोचिंग की शुरुआत की गई, जो आज भी प्रतिदिन शाम 5 बजे से 6:30 बजे तक नियमित रूप से संचालित हो रही है। शुरुआत में केवल एक बच्चा था, लेकिन आज बिना किसी भेदभाव के 65 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
अभिनव रघुवंशी का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल यही है कि गांव के बच्चे पढ़-लिखकर कुछ बनें, सही-गलत की समझ विकसित करें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
एनजीओ का ऑफर ठुकराया, राशन दुकान को ही बनाया कोचिंग सेंटर
निशुल्क कोचिंग के दौरान अभिनव रघुवंशी को एक एनजीओ द्वारा आर्थिक सहयोग के साथ कोचिंग चलाने का प्रस्ताव भी मिला, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया कि
“अगर शिक्षा देने के बदले पैसा मिलने लगेगा, तो मन में लोभ आ जाएगा। मैं नहीं चाहता कि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की मिलावट हो।”
जगह की कमी के कारण उन्होंने अपनी राशन दुकान को ही कोचिंग सेंटर में बदल दिया, जहां राशन वितरण के साथ बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
पेन-पेंसिल, कॉपी-किताबें भी कराते हैं उपलब्ध
अभिनव रघुवंशी बच्चों को केवल पढ़ाई ही नहीं कराते, बल्कि शनिवार-रविवार टेस्ट, खेल-खेल में पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां भी कराते हैं। अच्छे प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन, पेंसिल, कॉपी और किताबें भी दी जाती हैं।
1 से बढ़ाकर 3 बैच शुरू करने की योजना
अभिनव रघुवंशी का कहना है कि अगले शिक्षा सत्र में निशुल्क कोचिंग के तीन बैच शुरू करने की योजना है
