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चुनाव सुधार पर गरमाई लोकसभा: अखिलेश ने SIR को बताया NRC का जरिया Parliament Debates Election Reforms
संसद में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान, चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर व्यापक चर्चा हुई, जिसने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया।
इस महत्वपूर्ण बहस के बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर एसआईआर (SIR) के बहाने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) जैसा काम कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में डिटेंशन सेंटर बनाए जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि जो काम वे खुलकर नहीं कर सकते, उसे एसआईआर के माध्यम से गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी एसआईआर पर निशाना साधते हुए इसे "वोट डिलीट करने का टूल" बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है।
बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव आयोग लाखों मतदाताओं के नाम डिलीट कर रहा है, और इस पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी जश्न मना रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
इससे पहले, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि देश के 12 राज्यों में किया जा रहा एसआईआर गैरकानूनी है।
उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि पूरे राज्य में एक साथ एसआईआर के लिए कोई कानून नहीं है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
तिवारी ने यह भी मांग की कि चुनावों से पहले डायरेक्ट केस ट्रांसफर पर रोक लगाई जाए और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय मतपत्र (बैलट पेपर) से चुनाव कराए जाएं।
यह राष्ट्रीय मुद्दा सरकार के चुनाव सुधारों के प्रयासों और विपक्ष की चिंताओं के बीच एक गहरी दरार को उजागर करता है, जिससे भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर बहस और तेज हो गई है।
- अखिलेश यादव ने SIR को NRC लागू करने का गोपनीय तरीका बताया।
- TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने SIR को वोट डिलीट करने का टूल कहा।
- कांग्रेस ने 12 राज्यों में SIR को गैरकानूनी बताकर तत्काल रोकने की मांग की।
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Posted on 09 December 2025 | Stay updated with चाचा का धमाका.com for more news.