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आशीष लिमये ने जीता एशियाई गोल्ड, बढ़ाया घुड़सवारी का क्रेज़ | खेल जगत Equestrian Sports Rise In India
पुणे में, भारत में अब घुड़सवारी केवल एक शौकिया खेल नहीं रह गया है, बल्कि यह धीरे-धीरे अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, इसी बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बने हैं एशियन गोल्ड मेडलिस्ट आशीष लिमये, जिन्होंने हाल ही में एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
पुणे निवासी आशीष का सफर बेहद साधारण हालात से शुरू हुआ था।
बचपन में वे एक टांगेवाले के घोड़ों की सवारी किया करते थे और वहीं से उन्हें घुड़सवारी से लगाव हुआ।
महज 10 साल की उम्र में उन्होंने तय कर लिया था कि यही उनका रास्ता है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी तरह इस खेल को अपनाया और आज वे देश के शीर्ष इवेंटिंग राइडर्स में गिने जाते हैं।
एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद आशीष ने कहा कि यह उनके लिए सपने के सच होने जैसा है।
उनके मुताबिक इस सफर में सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक रही, लेकिन सही लोगों का साथ मिलने से रास्ता आसान होता गया।
आशीष की इस जीत ने **खेल** जगत में उत्साह भर दिया है।
एम्बेसी इंटरनेशनल राइडिंग स्कूल के डायरेक्टर सिल्वा स्टोराई का मानना है कि इस जीत ने देश के युवाओं को एक नया विकल्प दिया है।
उनका कहना है कि अब कई युवा **एथलेटिक्स** के साथ-साथ घुड़सवारी में भी अपना भविष्य देख सकते हैं।
यह जीत न केवल आशीष के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है।
इससे **फुटबॉल**, **टेनिस**, और **हॉकी** जैसे अन्य खेलों के प्रति भी युवाओं का रुझान बढ़ेगा।
**खेल** प्रेमियों के लिए यह खबर एक प्रेरणा है।
- आशीष लिमये ने एशियाई चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक।
- साधारण परिवार से आने वाले आशीष ने बढ़ाया घुड़सवारी का क्रेज़।
- जीत से युवाओं को खेल में मिला नया विकल्प।
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Posted on 28 December 2025 | Visit चाचा का धमाका.com for more stories.