हाईकोर्ट से शिवपुरी के लोगों की उम्मीद शहरवासियों और सामाजिक संगठनों को उम्मीद.....

दोषियों पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होगी पीड़ित महिलाओं व बच्चों का पुनर्वास और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी पुलिस-प्रशासन की भूमिका की न्यायिक निगरानी होगी लगेगी शिवपुरी में भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर स्थायी रोक स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि शिवपुरी की सामाजिक सुरक्षा और मानवीय मूल्यों से जुड़ा हुआ है।

अब यह गंभीर सामाजिक मुद्दा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ तक पहुँच गया है। शिवपुरी से जुड़े इस मामले में पायल धनावत बनाम राज्य शासन (WP No. 38098/2025) के तहत जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य शासन व संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है और आरोपों पर सक्रिय जांच (Proactive Enquiry) कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर 2025 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में होगी।

स्थानीय लोगों की बात (पहले की शिकायतें) स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार थाना, एसडीएम और अन्य अधिकारियों को आवेदन दिए गए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना रहता है शिकायत करने वालों पर दबाव बनाए जाने की भी बातें सामने आती रही हैं लोगों का कहना है कि अब मामला हाईकोर्ट में पहुँचने से पहली बार प्रशासनिक जवाबदेही की उम्मीद जगी है।

शिवपुरी के रेड-लाइट एरिया को लेकर पुरानी शिकायतों के बाद मामला पहुँचा हाईकोर्ट, अब लोगों को न्याय की उम्मीद।

समाचार विवरण

शिवपुरी शहर के रेड-लाइट एरिया को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा पिछले कई वर्षों से पुलिस व प्रशासन से शिकायतें की जाती रही हैं। इन शिकायतों में अवैध गतिविधियाँ, महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा, तथा क्षेत्र में बढ़ते सामाजिक अपराधों को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस और स्थायी समाधान सामने नहीं आया।. 

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