Wellness news:
पीएमएस से राहत के लिए पोषण कैसे करें? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के 5 उपाय Pms Women Symptoms Management
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) दुनियाभर की कई महिलाओं के लिए एक आम चुनौती है, जिसके लक्षणों को अक्सर दवाइयों से नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है।
हालांकि, विशेषज्ञ अब पोषण-आधारित समाधानों पर अधिक जोर दे रहे हैं ताकि बिना दवाओं के इन लक्षणों से प्राकृतिक रूप से निपटा जा सके।
यह एक ऐसी शारीरिक और भावनात्मक स्थिति है जो मासिक धर्म शुरू होने से एक या दो सप्ताह पहले शुरू होती है और आमतौर पर पीरियड्स समाप्त होने के साथ ही खत्म हो जाती है।
इस दौरान महिलाओं को मूड स्विंग्स, ब्लोटिंग, थकान, चिड़चिड़ापन, खाने की अत्यधिक लालसा और अनिद्रा जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
अक्सर इन लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए महिलाएं त्वरित राहत हेतु दवाओं का सहारा लेती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक रूप से यह तरीका हमेशा ठीक नहीं होता है।
स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और पीएमएस के लक्षणों का प्रभावी ढंग से उपचार करने के लिए, पोषण में बदलाव लाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
उदाहरण के लिए, मैग्नीशियम का सेवन बढ़ाना मांसपेशियों को आराम देने और पेट दर्द तथा ऐंठन को कम करने में सहायक सिद्ध होता है।
यह मूड स्विंग्स और एंग्जाइटी को भी नियंत्रित करता है।
डार्क चॉकलेट, पालक, कद्दू के बीज और विभिन्न नट्स मैग्नीशियम के उत्तम स्रोत हैं।
इसके अतिरिक्त, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का चुनाव रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है, जिससे चिड़चिड़ापन और मीठे की क्रेविंग कम होती है।
साबुत अनाज, फल और सब्जियां जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को स्थायी ऊर्जा प्रदान करते हैं और समग्र फिटनेस बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉक्टर अक्सर इन प्राकृतिक उपचारों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
इस प्रकार, पीएमएस के लक्षणों से राहत पाने के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय, संतुलित पोषण और जीवनशैली में बदलाव को अपनाना एक अधिक स्थायी और समग्र समाधान प्रदान करता है, जिससे महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रह सकता है।
- पीएमएस के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए पोषण महत्वपूर्ण है।
- मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और मूड स्विंग्स घटाता है।
- कॉम्प्लेक्स कार्ब्स रक्त शर्करा स्थिर कर चिड़चिड़ापन कम करते हैं।
Related: Latest National News
Posted on 15 December 2025 | Follow चाचा का धमाका.com for the latest updates.