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काबुल में एक कप चाय: क्या पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि पर पड़ा गंभीर असर? Kabul Politics Costs Islamabad
काबुल में, पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसकी कीमत इस्लामाबाद को लगातार चुकानी पड़ रही है।
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का एक चाय का कप अब उसके लिए सबसे बड़ा कूटनीतिक बोझ बन गया है, जिसने देश के विदेश संबंधों पर गहरा असर डाला है।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ईशाक डार ने संसद में स्वीकार किया है कि यह एक साधारण-सी चाय का कप देश को बहुत महंगा पड़ रहा है, और इसके ग्लोबल निहितार्थ पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
यह मामला 2021 का है जब अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी हुई थी।
उस समय, पाकिस्तान के तत्कालीन आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हामिद सितंबर 2021 की शुरुआत में चुपचाप काबुल पहुंचे थे।
काबुल के एकमात्र फाइव स्टार होटल, सेरेना में, जनरल हामिद ने तालिबान के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक की और चाय पी।
इस दौरान वह खिलखिलाकर हंस रहे थे।
संयोगवश, इसी होटल में मौजूद एक ब्रिटिश महिला पत्रकार ने न केवल फैज़ हामिद की तस्वीरें लीं, बल्कि उनसे कुछ सवाल भी पूछे।
सवालों के जवाब में जनरल हामिद ने केवल "ऑल इज वेल" कहकर बात टाल दी थी।
आज, यह घटना पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ी चूक के रूप में देखी जा रही है।
तत्कालीन आईएसआई प्रमुख की तालिबान के साथ इस तरह की सार्वजनिक उपस्थिति ने पाकिस्तान की विश्व समुदाय में विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस घटना का अप्रत्यक्ष प्रभाव देखा गया है, जिससे पाकिस्तान को अपनी अफगानिस्तान नीति को लेकर स्पष्टीकरण देने पड़े हैं।
यह एक छोटी-सी घटना थी, लेकिन इसका दूरगामी राजनीतिक और कूटनीतिक असर पाकिस्तान पर लगातार बना हुआ है।
- 2021 में काबुल में पूर्व ISI चीफ फैज़ हामिद की तालिबान नेताओं संग चाय।
- इस घटना ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
- पाकिस्तान के विदेश मंत्री ईशाक डार ने संसद में इसे 'महंगी गलती' बताया।
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Posted on 07 November 2025 | Visit चाचा का धमाका.com for more stories.