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अंतरराष्ट्रीय दबाव: अमेरिकी H1B वीजा नीति पर ट्रंप प्रशासन क्यों झुका? Trump H1b Policy Backfires
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की H1B वीजा नीति पर ट्रंप प्रशासन की सख्ती अब उसी के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है।
जिस नीति का उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों को देश के भीतर ही भर्तियां करने के लिए प्रेरित करना था, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रतिभाओं को भारत लौटने या अन्य विकल्पों की तलाश करने पर मजबूर कर रही है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग रहा है।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों ने साफ कर दिया है कि भारतीय इंजीनियर्स को रोकने पर वे अमेरिका की बजाय भारत में निवेश को प्राथमिकता देंगी।
ट्रंप प्रशासन ने कुछ महीने पहले एच1बी वीजा पर प्रतिबंध लगाकर भारतीय इंजीनियरों को रोकने का प्रयास किया था, ताकि अमेरिकी कंपनियां अपनी फैक्ट्रियां और नौकरियां अमेरिका में ही स्थापित करें।
हालांकि, यह रणनीति पूरी तरह विफल रही।
डेल, एलजी और फोर्ड जैसी वैश्विक कंपनियों ने इस कदम को दरकिनार करते हुए संकेत दिए कि यदि भारतीय प्रतिभाओं पर रोक लगाई जाती है तो वे अमेरिका से बाहर भारत जैसे देशों का रुख करेंगी।
इस अप्रत्याशित मोड़ ने ट्रंप के होश ठिकाने ला दिए हैं, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि भारतीय टैलेंट के बिना अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र को भारी नुकसान होगा, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका को कमजोर कर सकता है।
इस विदेश नीति के दबाव और तकनीकी दिग्गजों के स्पष्ट रुख के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन ने एक नए विधेयक की बात कही है।
रिपब्लिकन पार्टी की मार्जोरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की अर्थव्यवस्था को कुशल श्रमिकों की सख्त आवश्यकता है।
यह घटनाक्रम एच1बी वीजा नीति पर अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और तकनीकी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है, जो भविष्य में भारत-अमेरिका के बीच कुशल श्रम प्रवास पर एक नए संवाद का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- अमेरिकी कंपनियों ने H1B वीजा पर प्रतिबंधों को ठुकराया, भारत में निवेश को प्राथमिकता दी।
- ट्रंप प्रशासन की H1B वीजा नीति विफल हुई, जिससे अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र को नुकसान की आशंका।
- रिपब्लिकन सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने नए वीजा विधेयक का संकेत दिया।
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Posted on 16 November 2025 | Keep reading चाचा का धमाका.com for news updates.