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अंतरराष्ट्रीय धर्मों के टकराव का केंद्र: यरुशलम के 35 एकड़ का ऐतिहासिक विवाद Jerusalem Disputed Holy Land Conflict
यरुशलम में, चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, एक छोटा सा भूखंड पूरी दुनिया में अशांति का कारण बना हुआ है।
हमारी विशाल धरती का यह महज 35 एकड़ का टुकड़ा दुनिया की सबसे विवादित जगहों में से एक है, जिस पर तीन बड़े धर्म अपनी आस्था और ऐतिहासिक दावे पेश करते हैं।
इस भूखंड को यहूदी 'हर हवाई अल' या 'टेंपल माउंट' कहते हैं, जबकि मुस्लिम इसे 'हरम अल शरीफ' के नाम से पुकारते हैं।
इस पवित्र स्थल पर यहूदी मानते हैं कि उनके ईश्वर ने वह मिट्टी संजोई थी जिससे एडम का सृजन हुआ, जबकि मुस्लिम इसे इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक मानते हैं।
यह विवादित भूमि यरुशलम के पुराने शहर के पहाड़ी हिस्से पर स्थित एक आयताकार प्लेटफॉर्म है।
दोनों धर्मों की गहन धार्मिक मान्यताओं के कारण, यह स्थल सदियों से अनगिनत संघर्षों और युद्धों का गवाह रहा है।
यह भूखंड सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और पहचान से जुड़ा है, जो इसे एक जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाता है।
इस छोटे से क्षेत्र पर नियंत्रण की लड़ाई ने इजरायल और फिलिस्तीन के बीच दशकों के संघर्ष को जन्म दिया है, जिसका प्रभाव पूरे विश्व पर देखा जाता है।
इस भूखंड पर दावेदारी ने वैश्विक मंच पर भी कई बार तनाव को बढ़ाया है और शांति प्रयासों को बाधित किया है।
यह एक ऐसा मामला है जो न केवल स्थानीय बल्कि विदेश संबंधों और संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
इस आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के केंद्र में छिपी जटिलता ही इस संघर्ष को लगातार जीवित रखती है, जिससे पूरे ग्लोबल समुदाय के लिए स्थायी शांति स्थापित करना एक बड़ी चुनौती है।
- यरुशलम का 35 एकड़ का भूखंड तीन प्रमुख धर्मों के लिए पवित्र है।
- यहूदी इसे टेंपल माउंट, मुस्लिम हरम अल शरीफ मानते हैं, जिससे विवाद गहराया।
- इस ऐतिहासिक विवाद ने विश्व भर में तनाव और युद्धों को जन्म दिया है।
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Posted on 16 November 2025 | Stay updated with चाचा का धमाका.com for more news.