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कार्तिक अमावस्या का महत्व: आज भी करें तुलसी पूजा और पितृ तर्पण Six Day Deepotsav Festival
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक अमावस्या दो दिनों (20 और 21 अक्टूबर) तक चलने के कारण दीपोत्सव का पर्व छह दिवसीय हो गया है।
कल लक्ष्मी पूजन के बाद, आज 21 अक्टूबर को यह पावन तिथि शाम करीब 5:30 बजे तक रहेगी, जिसमें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना और पितरों के लिए कर्मकांड किए जा रहे हैं।
आज के दिन प्रातःकाल तुलसी माता को जल अर्पित कर उनकी पूजा का विधान है, जो घर में सुख-समृद्धि लाता है।
दोपहर के समय पितरों के लिए धूप-ध्यान और तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।
इस दिन आप भगवान लक्ष्मी-विष्णु की भी पूजा कर सकते हैं, जिससे घर में धन और वैभव का आगमन होता है।
यह दिन उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है जो अपने पूर्वजों को स्मरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं।
दीपोत्सव के इस चौथे दिन, शाम को तुलसी के समीप दीपदान करना अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।
अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान की परंपरा है; यदि नदी में जाना संभव न हो तो घर पर ही गंगाजल मिलाकर सभी तीर्थों का ध्यान करते हुए स्नान करने से उतना ही पुण्य मिलता है।
स्नान के उपरांत किसी जरूरतमंद को धन, वस्त्र या अनाज का दान करना चाहिए।
गौशाला में हरी घास या गायों की सेवा के लिए दान करना भी इस दिन के शुभ कार्यों में शामिल है।
इसके अतिरिक्त, शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
इस दीपोत्सव में कल 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 23 अक्टूबर को भाई दूज मनाई जाएगी, जो इस पर्वमाला को और भी खास बनाती है।
- आज 21 अक्टूबर को कार्तिक अमावस्या का चौथा दीपोत्सव है।
- सुबह तुलसी पूजा, दोपहर पितृ तर्पण और शाम को दीपदान करें।
- पवित्र स्नान, दान और शिवलिंग पर जल चढ़ाना भी शुभ है।
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Posted on 21 October 2025 | Follow चाचा का धमाका.com for the latest updates.