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राजनीति और आध्यात्मिक संतुलन: क्या योग नेताओं को बनाता है अधिक सक्षम? Political Leaders Spiritual Efficiency
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, आज के दौर में जब राजनीतिक गहमागहमी चरम पर है, पंडित विजयशंकर मेहता का एक कॉलम आध्यात्मिक ऊर्जा और कार्यक्षमता के गहरे संबंध को उजागर करता है, जो नेताओं के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हो सकता है।
डिजिटल युग में जहाँ 'जो दिखता है, वो बिकता है' की धारणा हावी है, वहीं साहित्य में 'जो दिखता है, वो लिखता है' कहा जाता है।
लेकिन पंडित विजयशंकर मेहता अपने नवीनतम कॉलम में योग के एक भिन्न पहलू को रेखांकित करते हुए कहते हैं कि योग वह माध्यम है जिससे 'जो नहीं दिखता है, वो भी दिखता है'।
यह एक अंतर्दृष्टि जाग्रत करता है, जो विशेष रूप से उन नेताओं के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें जनता के बीच अपनी पहचान बनानी होती है।
उनका मानना है कि योग के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने 24 घंटों को 26 घंटों में बदल सकता है।
यह कोई घड़ी का खेल नहीं, बल्कि समय और कार्य के बीच तालमेल बिठाने का एक प्रभावी तरीका है।
सुबह जल्दी उठने से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त घंटे किसी भी राजनीतिक अभियान या प्रशासनिक कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जिससे चुनाव से पहले की रणनीतियों को और मजबूती मिल सकती है।
मेहता जी इस बात पर जोर देते हैं कि यदि हम योग को अपने जीवन में उतारते हैं, तो हमें समय की कमी महसूस नहीं होगी।
वे सवाल उठाते हैं कि हमें दिन छोटा क्यों लगता है, और इसका जवाब भारत की 75% आबादी के देर से उठने की आदत में पाते हैं।
यह आदत न केवल व्यक्तिगत कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम राष्ट्रीय विकास पर भी पड़ सकते हैं।
प्रकृति का साथ तभी मिलता है जब हम सूरज के साथ उठते हैं।
यह अनुशासन केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि राजनीतिक क्षेत्र के नेताओं के लिए भी उतना ही आवश्यक है, चाहे वे कांग्रेस से हों या बीजेपी से।
एक अनुशासित दिनचर्या उन्हें अधिक ऊर्जावान और निर्णय लेने में अधिक सक्षम बनाती है, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन बेहतर तरीके से कर सकते हैं और देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
यह एक आध्यात्मिक अनुशासन है जो लौकिक कार्यों में भी सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
कुल मिलाकर, पंडित मेहता का यह कॉलम राजनीति में सक्रिय हर नेता को अपनी दिनचर्या और कार्यक्षमता पर पुनः विचार करने का एक अवसर प्रदान करता है, ताकि वे न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में बल्कि सार्वजनिक सेवा में भी अधिक प्रभावी बन सकें।
- योग से अंतर्दृष्टि जाग्रत होती है और 24 घंटे को 26 में बदला जा सकता है।
- सुबह जल्दी उठना नेताओं की कार्यक्षमता बढ़ाता है और राजनीतिक कार्यों में सहायक है।
- देर से उठने की आदत राष्ट्रीय विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालती है; अनुशासन आवश्यक।
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Posted on 25 October 2025 | Follow चाचा का धमाका.com for the latest updates.