Stock spotlight:
चांदी मार्केट में बड़ी गिरावट: क्या 1980 जैसा क्रैश लौटेगा? निवेशकों पर असर Silver Market Crash Memories
चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक मार्केट में चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट ने 1980 के 'सिल्वर थर्सडे' क्रैश की यादें ताज़ा कर दी हैं।
उस दौर में, अमेरिकी हंट ब्रदर्स - नेल्सन बंकर हंट और विलियम हर्बर हंट - ने दुनिया की एक तिहाई चांदी पर नियंत्रण कर लिया था, जिससे इसकी कीमत 2 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 48 डॉलर तक पहुंच गई थी।
उनकी लालच भरी निवेश रणनीतियों ने चांदी के दाम में 700% से अधिक की वृद्धि की, लेकिन अंततः यह एक बड़े क्रैश में बदल गई, जिसने शेयर बाजार को भी हिला दिया था।
इस ऐतिहासिक घटना के बाद, अब जब चांदी की कीमतों में एक सप्ताह के भीतर करीब ₹25,000 प्रति किलोग्राम की तेज गिरावट देखी गई है, तो यह सवाल उठ रहा है कि क्या हम 1980 के दशक की पुनरावृत्ति के कगार पर हैं।
पिछले दस महीनों में चांदी के दाम दोगुने होने के बाद, ₹1.78 लाख प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर से यह अब ₹1.52 लाख पर आ चुकी है।
इस अचानक गिरावट ने उद्योग विशेषज्ञों और वित्त सलाहकारों को चिंता में डाल दिया है।
हंट ब्रदर्स के अमीर परिवार का इतिहास, जहां उनके पिता हरॉल्डसन लेफायेट हंट ने कॉटन और फिर तेल उद्योग में अपनी धाक जमाई थी, दिखाता है कि कैसे बड़े खिलाड़ियों का दखल मार्केट को प्रभावित कर सकता है।
मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए, चांदी को अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।
हालांकि, मौजूदा उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं और उन्हें भविष्य की कीमतों पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
क्या यह सिर्फ एक अस्थायी करेक्शन है या बड़े क्रैश की शुरुआत, यह आने वाला समय ही बताएगा।
- एक हफ्ते में चांदी के दाम ₹25,000 प्रति किलो घटे, 1980 के क्रैश की यादें ताज़ा।
- हंट ब्रदर्स ने 1980 में चांदी की कीमतों को 700% बढ़ाया, फिर बड़ा क्रैश आया।
- चांदी की वर्तमान गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय, मार्केट पर असर।
Related: Top Cricket Updates
Posted on 23 October 2025 | Keep reading चाचा का धमाका.com for news updates.