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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
कलेक्टर श्री वर्मा के कुशल नेतृत्व में शिवपुरी की पेयजल व्यवस्था को मिली नई दिशा।
संवेदनशील निर्णयों, सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी समन्वय से जल संकट से निपटने में जुटा जिला प्रशासन।
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की तकनीकी समस्या के बावजूद आमजन को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास।
शिवपुरी, 30 मई 2026। भीषण गर्मी और बढ़ती पेयजल मांग के बीच शिवपुरी शहर में उत्पन्न जल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा व्यापक और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। शहर की पेयजल व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री वर्मा स्वयं लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक निर्णय लेकर व्यवस्थाओं को मजबूत बना रहे हैं।
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की मोटर में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने अपर कलेक्टर श्री दिनेश शुक्ला को पेयजल व्यवस्था का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही वार्डवार निरीक्षण, सतत निगरानी, समन्वय और त्वरित समस्या समाधान के लिए विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह व्यवस्था प्रशासन की जवाबदेही और निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगी।
वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था से मिली राहत।
कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था सुनिश्चित की है। जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निजी नलकूपों का अधिग्रहण किया गया है तथा 24 हजार एवं 25 हजार लीटर क्षमता वाले बड़े टैंकरों को जलापूर्ति कार्य में लगाया गया है। वर्तमान में 28 से अधिक टैंकरों के माध्यम से विभिन्न वार्डों, सम्पवेल और प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी पहुंचाया जा रहा है।
सीएमओ ने किया वार्डों का निरीक्षण।
कलेक्टर के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद शिवपुरी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री इशांक धाकड़ ने शहर में टैंकरों के माध्यम से की जा रही पेयजल आपूर्ति का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्ड क्रमांक 7 स्थित शिव कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 29 तथा 30 सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर नागरिकों से चर्चा की और मौके पर आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
जनहित में कब्जामुक्त कराए गए शासकीय बोर।
निरीक्षण के दौरान वार्ड क्रमांक 29 एवं 30 में एक शासकीय बोरवेल निजी कब्जे में पाया गया। कलेक्टर श्री वर्मा के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप नगर पालिका द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए बोरवेल को कब्जामुक्त कराया गया और उसे नगर पालिका के नियंत्रण में लेकर जनहित में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ा गया। इसके अतिरिक्त शहर में दो अन्य बोर भी कब्जामुक्त कराकर आमजन के उपयोग हेतु उपलब्ध कराए गए हैं। इस कार्रवाई से संबंधित क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिली है।
कलेक्टर की सतत मॉनिटरिंग से बनी हुई है व्यवस्था पर पकड़।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा स्वयं लगातार पेयजल व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं तथा अधिकारियों को नियमित दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। जिला प्रशासन, नगर पालिका परिषद और मैदानी अमले के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संकट की स्थिति में भी नागरिकों तक राहत पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। उनकी सक्रियता के कारण जलापूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित करने में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिल रही है।
अनाधिकृत कब्जों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय जल स्रोतों पर किसी भी प्रकार का अनाधिकृत कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और यदि किसी भी शासकीय बोर पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आमजन को जिला प्रशासन का भरोसा*
जिला प्रशासन ने शहरवासियों को आश्वस्त किया है कि पेयजल व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है और जलापूर्ति को पूरी तरह सुचारू बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन का पूरा अमला नागरिकों को राहत पहुंचाने और हर घर तक पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
जनहित, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णयों का यह समन्वय शिवपुरी में सुशासन और प्रभावी प्रशासनिक प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।

