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र्ष्ट्रीय राजमार्ग पर गौवंश के लगातार हादसे, घायल गौ माता की सेवा में जुटे गौ सेवक कल्लू महाराज।
करेरा/शिवपुरी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवारा गौवंश के साथ लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश घायल हो रहे हैं,
लेकिन इनकी सुरक्षा और संरक्षण को लेकर सरकार की ओर से ठोस कदम नजर नहीं आ रहे।
इसी बीच काली पहाड़ी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक गंभीर हादसे में घायल गौ माता की दर्दनाक स्थिति सामने आई, जहां गौ सेवक कल्लू महाराज ने मानवता और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया।
सूचना मिलने पर गौ सेवक कल्लू महाराज तत्काल मौके पर पहुंचे। ट्रक की टक्कर से घायल गौ माता के चारों पैर फैक्चर हो चुके थे और वह जीवन-मृत्यु से जूझ रही थी। गौ सेवक ने बिना देर किए उसे वाहन में लोड कर निजी गौशाला पहुंचाया, जहां उसका उपचार शुरू कराया गया।
घायल अवस्था में ही गौ माता को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस कठिन परिस्थिति में गौ सेवक कल्लू महाराज और उनके वेद गुरु बनवारी यादव ने मिलकर पूरी सावधानी और सेवा भाव से गौ माता की डिलीवरी कराई। कुछ समय बाद एक सुंदर बछिया का जन्म हुआ, लेकिन मां की हालत इतनी गंभीर थी कि वह अपनी नवजात बछिया को दूध नहीं पिला सकी।
इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गौ सेवक कल्लू महाराज ने तुरंत बछिया के लिए दूध की व्यवस्था की और निप्पल वाली बोतल से उसे दूध पिलाया। उन्होंने बछिया के सिर पर हाथ रखकर भावुक शब्दों में कहा कि जब तक उनके प्राण हैं, तब तक इस बछिया को कोई कष्ट नहीं होने देंगे और उसकी परवरिश अपनी जिम्मेदारी मानकर करेंगे।
कल्लू महाराज ने कहा कि वह पिछले करीब 25 वर्षों से गौ सेवा कर रहे हैं और जहां भी गौ माता संकट में होती हैं, वहां तुरंत पहुंचते हैं। उनका नेटवर्क झांसी से लेकर शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर और अशोकनगर तक फैला हुआ है, जहां गौ सेवक हर समय सेवा के लिए तैयार रहते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए ताकि सड़क हादसों और अत्याचारों से उनकी रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में गौ माता को देवी-देवताओं के समान सम्मान दिया जाता है, इसलिए सरकार और जनप्रतिनिधियों को भी इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
गौ सेवक कल्लू महाराज ने यह भी कहा कि गौ सेवा उनके लिए धर्म और कर्तव्य है और वह हर परिस्थिति में गौ माता की रक्षा के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने समाज से भी अपील की कि गौवंश की सेवा और सुरक्षा के लिए सभी लोग आगे आएं, ताकि सड़क हादसों में निर्दोष गौवंश की जान बचाई जा सके।
इस भावुक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर गौवंश की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था कब होगी। वहीं गौ सेवक कल्लू महाराज की सेवा भावना लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।
