Jitendra jain jila shivpuri समाचार
पोहरी के ग्राम पटवारी पर हर साल गर्मियों में जल संकट गहरा जाता है, हैंडपंप सूख जाते हैं, लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
गांव में जल संकट के चलते हर साल गर्मी के मौसम में आधे से ज्यादा लोग पलायन कर जाते हैं।
जल संकट की इस समस्या से निपटने के लिए न तो प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रयास किए गए और न ही पंचायत ने इस ओर कोई ध्यान दिया।
अंतत: आदिवासी समुदाय के लोगों ने समस्या के समाधान के लिए सामुदायिक स्तर पर विचार किया।
इस विचार विमर्श के दौरान यह तथ्य सामने आए कि, अगर गांव के तालाब में बारिश का पानी ठहरने लगे और साल भर पानी रहे तो
हैंडपंप का जल स्तर नहीं गिरेगा,
ग्रामीणों को गांव में ही साल भर पर्याप्त पानी मुहैया हो जाएगा।
तेज सिंह आदिवासी बताते हैं
हम सब साथ मिल जाएं तो अपनी समस्या का समाधान खुद कर सकते हैं।
तेज सिंह कहते हैं, समूह में की गई बातों का असर ऐसा हुआ कि पूरा समुदाय एक साथ खड़ा हो गया और हर घर से लोग इस साझा मकसद के लिए फावड़ा लेकर पुराने तालाब की ओर समस्या के समाधान की खोज में निकल पड़े।
तालाब का गहरीकरण किया गांव के 90 लोगों ने सात दिन तक तालाब में काम कर उसका गहरीकरण किया है।
तालाब में पानी रूक सके और लीक न हो इसके लिए तालाब में काली मिट्टी बिछाई गई है।
गांव वालों का कहना है कि अब आसमान से आस है, अगर बारिश अच्छी हो जाए तो उनके गांव का जल संकट समाप्त हो सकता है।
