मध्य प्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड की जिला इकाई शिवपुरी एवं अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन की

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समाज संगठित होकर खड़ा रहता है तो शक्ति दिखती है पाराशर

मध्य प्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड की जिला इकाई शिवपुरी एवं अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन की 

शहर के बार्ड  क्रमांक 2 में नीलकंठ मंदिर सर्किट हाउस के पास पर  संयुक्त साप्ताहिक बैठक हुई।

 इसमें सबसे पहले भगवान परशुराम के चित्र पर मुख्य अतिथि पंडित सुरेश पाराशर द्वारा व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे 

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन के जिला अध्यक्ष पंडित पुरुषोत्तम कांत  शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया।

 मुख्य अतिथि पाराशर ने कहा कि संगठन से छोटे-छोटे राज्य भी उन्नत हो सकती है,

 किंतु विभेद उत्पन्न होने से बड़े-बड़े राज्य भी नष्ट हो जाती है।

समाज संगठित होकर खड़ा रहता है तो शक्ति दिखती है, किंतु विभाजित होती ही गिर पड़ती है 

 संगठन में बहुत ताकत होती है,

 समाज व संगठन को लेकर कुछ लोग मंच से भ्रम फैलाते है

 कि समाज के लोग परस्पर एक दूसरे की टांग खींचती है समाज कभी संगठित नहीं हो सकता आदि

हम सकारात्मक सोच से देखेंगे तो हम पाएंगे कि ब्राह्मण समाज संगठित है,

संगठन के बल पर ही वह उन्नति के पथ पर बढ़ता जा रहा है। 

पंडित कैलाश नारायण मुद्गल ने कहा कि समाज के कुछ लोग क्यों राग अलपाते रहते है

हम असंगठित है, 

समाज को संगठित करना यानी मेंढ़कों को तराजू पर तोलने जैसा है,

 यह सब गलत है। पंडित पुरुषोत्तम कांत शर्मा जिला अध्यक्ष ने कहा कि 21वीं सदी है देश बदल रहा है

यानी देशवासियों के बीच सोच बदल रही है,

 नये समाज का उदय हो रहा है, 

नाम व स्वरूप भले ही अलग हो किंतु संगठनों के माध्यम से सवर्ण समाज संगठित हो रहा है।

 मत भिन्नता भले ही हो पर मन भिन्नता नहीं है। 

आज किसी न किसी संगठन के माध्यम से जनमानस संगठित हो रहा है

किसी एक  घटनाक्रम पर सब एक है

हम आज यूजीसी काले कानून का विरोध करने के लिए सभी सवर्ण समाज एक है 

 पंडित राम प्रकाश शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष  ने कहां की महाभारत के शांति पर्व व अनुशासन पर्व में ब्राह्मणों के महत्व का बहुत विस्तार से वर्णन है, 

उसमें स्पष्ट कहा है कि किसी भी राजा को या  किसी भी राजनीतिक पार्टी को या किसी राजनीतिक जनप्रतिनिधि को ब्राह्मणों से विरोध नहीं करना चाहिए, ब्राह्मणों में राजा व सत्ता  एवं जनप्रतिनिधि बदलने की क्षमता है।

 ब्राह्मणों का तप ही बल है तप ही शास्त्र है ब्राह्मणों का विरोध करने पर कई राजनीतिक दलों की सरकारें पराजित हो चुकी है।

 हरि वल्लभ शर्मा सुरेंद्र पाठक राजेंद्र  पांडे कुंज बिहारी पाराशर आरके शर्मा डाक्टर पीडी शर्मा आदि उपस्थि रहे

कार्यक्रम का संचालन पं हर गोविंद शर्मा ने किया एवं आभार व्यक्त एन पी अवस्थी द्वारा किया गया।

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