मध्यप्रदेश के सभी नगर निगम - नगर पालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री का आदेश

 


Jitendra jain jila shivpuri                                मध्यप्रदेश के सभी नगर निगम - नगर पालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री का आदेश

मध्यप्रदेश के सभी नगर निगम - नगर पालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री का आदेशभोपाल, 3 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी नगर निगम और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को आवेशित किया है कि, जिस प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही इंदौर में देखी गई, वह अब किसी भी शहर में दिखाई नहीं देनी चाहिए। वार्ड के अधिकारी से लेकर इंदौर नगर निगम के कमिश्नर तक को हटाने के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि, सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में व्यवस्थाओं का रिवीजन करें। पूछने पर पूरी जानकारी तत्काल मिलनी चाहिए। 

मध्य प्रदेश में शुद्ध पेयजल के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश

सघन आबादी अथवा 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाईपलाईन का चिन्‍हांकन करें।

पुराने एवं बार-बार लीकेज होने वाली पाईपलाईन, नालियों/सीवर पाईपलाईन के समीप अथवा नीचे से गुजरने वाली पाईपलाईनों का चिन्‍हांकन करें।

चिन्‍हांकन में पाये गये रिसाव का 48 घंटे के भीतर मरम्‍मत सुनिश्चित करें।

जल शोधन संयंत्र (WTP)तथा उच्‍च स्‍तरीय टंकियॉं (OHT's)/ Sump Tanks की साफ-सफाई का 07 दिवस के अंदर निरीक्षण करें।

सभी जल शोधन संयंत्रों (WTP's), प्रमुख जल स्‍त्रोतों तथा उच्‍च स्‍तरीय टंकियों (OHT's)/ Sump Tanks पर तत्‍काल जल नमूना परीक्षण करें।

प्रदूषण पाए जाने पर तत्‍काल जल आपूर्ति रोकी जाये एवं वैकल्पिक सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाये।

Chlorination system की 24x7 निगरानी की जाये।

सभी नगरीय निकायों में Pipeline Leakage Detection के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाये।

जल आपूर्ति से संबंधित प्राप्‍त शिकायतों को Emergency Category में रखा जाये।

लीकेज/दूषित जल शिकायतों का 24 से 48 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाये।

सी.एम. हेल्‍पलाईन में गंदा/दूषित पेयजल तथा सीवेज से संबंधित प्राप्‍त शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी जाये। 

इंदौर की समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के आयुक्त नगर निगम श्री दिलीप यादव को हटाकर मंत्रालय में पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही के लिए अपर आयुक्त श्री रोहित सिसोनिया और प्रभारी अधीक्षण यंत्री श्री संजीव श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनस्वास्थ्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश के सभी नगर पालिक निगम के महापौर के साथ-साथ संभागायुक्त, कलेक्टर और कमिश्नर नगर निगम के साथ बैठक लेकर नागरिकों को साफ़ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय निकायों का अमला जनता की सेहत के प्रति सजग और सतर्क रहे। इंदौर में हुई घटना की किसी अन्य जगह पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए। 

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के तालमेल में कमी नहीं होना चाहिए। 

पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फोन या अन्य माध्यम से शिकायत की सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाएं। 

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों को साफ़ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दिशा निर्देश जारी कर बैठक में जानकारी दी गई। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिशा-निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।अब पब्लिक को क्या करना चाहिए

प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि तो काम करते ही है लेकिन यहां जागरूक नागरिकों और पत्रकारों की भूमिका बढ़ जाती है। हम लोग निम्न काम कर सकते हैं:-

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