Jitendra jain jila shivpuri समाचार.
भोले नाथ ना जाने क्या हो गया मेरे शहर को कुछ भी अच्छा नहीं गुजर रहा, जनता भी सिर्फ देख रही, कि राजनीति क्या दिखा रही
शहर विकास की राशि में प्रमाणित भ्रष्टाचार करने वालों ने पहनाई सबसे बड़ी माला, जनता भी नहीं समझ पा रही कि यह कैसा गठबंधन है?
सीपरी से शिवपुरी बनी इस शहर को न जाने क्या हो गया, कि कुछ भी ठीक नहीं हो रहा। बीते 4 जनवरी की रात को शहर दुल्हन की तरह सजा रहा, और उधर मुक्तिधाम पर लाइट न होने से मोबाइल की रोशनी में अंतिम संस्कार हुआ। मुक्तिधाम में लाइट की जिम्मेदारी जिस नगरपालिका की है, उसके कर्ताधर्ता जेसीबी पर सबसे बड़ी माला लेकर स्वागत का इंतजार 1 घंटे तक करते रहे।
ग्वालियर नाके से स्वागत की शुरुआत हुई, वहां पर सर्कुलर रोड के दोनों तरफ मिट्टी का ढेर लगा था। यहां पर सिंध जलावर्धन की लाइन का।लीकेज बंद करने के लिए खुदाई की गई थी, तथा शहर की जनता 15 दिन से पानी का इंतजार कर रही थी। जिस शिवपुरी शहर की जनता कड़कड़ाती सर्दी में पानी के लिए परेशान, हर रोज सुबह बिजली गुल होने तथा धनाढ्यों की महल कॉलोनी में सबसे बदहाल सड़कें घरों के सामने होने का दंश झेल रही जनता की सुनने वाला कोई नहीं।
शहर विकास के नाम पर खुला भ्रष्टाचार हो रहा है, और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि आकर्षक मंच और झकझक लाइटों से रोशनी करके यह जताने का प्रयास कर रहे हैं कि यहां सब कुछ ठीक है। एक तरफ शहर में सजावट हो रही थी, तो वहीं दूसरी ओर शहर की जनता फिजिकल पानी की टंकी से साइकिल, चार पहिया ठेला और ऑटो में पानी के खाली बर्तन लेकर लाइन में लगे थे। सात दिन की रिपेयरिंग के नाम पर 15 दिन तक पानी न देने वाले स्वागत करने ऐसे खड़े थे, मानों उन्होंने शहर को स्वर्ग बना दिया हो।
24 घंटे से पहले बदली शहर की फिजा
बीते 4 दिसंबर की रात को जिस शिवपुरी शहर की सड़कों पर चकाचौंध कर देने वाली लाइटों के बीच जिनका भव्य स्वागत किया गया, वो 24 घंटे से पहले इसी शहर में फिर वापस आए, स्थिति बिल्कुल बदली हुईं थीं, तथा वो सीने के दर्द से परेशान थे। हर कोई यही पूछ रहा था कि क्या हुआ? इसे क्या कहेंगे..?, ईश्वर उन्हें जल्दी स्वस्थ्य करे, तथा उन्होंने अपने संदेश में सभी का आभार भी जताया है।
