Jitendra jain jila shivpuri समाचार.
सिंधिया परिवार का नाम देकर 5 करोड़ के ओपन भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की तैयारी में नगरपालिका
मुरम के अवैध उत्खनन से हुए लंबे-चौड़े गड्ढे के चारों तरफ पिचिंग व रेलिंग लगाकर बनाया राजमाता विजयाराजे सिंधिया सरोवर
शिवपुरी। नगरपालिका परिषद की 13 जनवरी को होने वाली परिषद की बैठक के एजेंडे में 16वें बिंदु में लिखा है कि राजमाता वियराजे सिंधिया बस स्टेंड के पीछे बनी मनियर तलैया का नामकरण राजमाता विजयराज सिंधिया सरोवर के नाम से किया जाएगा। जबकि यह तलैया जिला मुख्यालय पर किया गया ओपन भ्रष्टाचार है। नपा के जिम्मेदारों ने इस बड़े बंदरबांट पर सिंधिया परिवार के नाम का पर्दा डालने की तैयारी कर ली है।
आप सभी को पता है कि तालाब संरक्षण योजना के तहत शिवपुरी शहर के मनियर तालाब को संरक्षित करने के लिए 5 करोड़ रुपए तथा जाधव सागर तालाब के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि आई थी। जिस मनियर तालाब के नाम से 5 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि आई थी, उसके तो अधिकांश हिस्से पर कब्जा हो गया। इस बीच भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हो चुकी नगरपालिका ने बस स्टेंड के पीछे से पहले तो अवैध रूप से मुरम का उत्खनन करवाकर उसमें माल कमाया, और फिर मुरम के उसी गड्ढे को मनियर तलैया का नाम देकर उसमें 5 करोड़ रुपए की राशि ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली।
जब इसका काम शुरू हुआ था, तब भी हमने इस भ्रष्टाचार को उजागर किया था, उस समय कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी इस तलैया पर गए थे, और नपा एई सचिन चौहान से पूछा था कि यह क्या परकोलेशन टैंक बना रहे हो?, साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि नौकरी चली जाएगी। इसके बाद ठेकेदार के साथ नपा के कुछ जिम्मेदार दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के पीए से मिलने गए, और काम फिर शुरू करके उसे अंतिम चरण में पहुंचा दिया।
सर्दी में सूखने लगी तलैया, किस काम की..?
अभी जनवरी में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है, और तलैया के किनारे दिखने लगे हैं। गर्मी की शुरुआत होने से पहले यह सूख जाएगी, तो फिर इस सरोवर पर कौन घूमने आएगा, जब उसमें पानी ही नहीं होगा। ज्ञात रहे कि मुरम का गड्ढा पानी को सोखकर उसे धरातल में पहुंचा देता है, उसमें पानी रुकता ही नहीं है।
