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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
नेपाल-भारत साहित्य यात्रा : शब्द, संस्कृति और आत्मीयता का संगम
आथाई मीडिया इंटरनेशनल के तत्वावधान में आयोजित होने वाले नेपाल-भारत साहित्य एवं सांस्कृतिक सम्मेलन को लेकर साहित्यकारों और प्रतिनिधियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। 25 मई से प्रारंभ होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा में भारत के विभिन्न राज्यों से 42 आमंत्रित प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे। प्रतिनिधिमंडल गोरखनाथ मंदिर से नेपाल के लिए प्रस्थान करेगा।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’ ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 मई को काठमांडू में भव्य साहित्य उत्सव आयोजित होगा, जिसमें साहित्य, संस्कृति, पत्रकारिता और भारत-नेपाल मैत्री संबंधों पर विशेष विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’ द्वारा किया जाएगा, जबकि महाराष्ट्र गौरव से सम्मानित डॉ. अल्पना जैन द्वारा मंच संचालन किया जाएगा।
डॉ. अखिल बंसल ने सभी प्रतिनिधियों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए इसे साहित्य, संवेदना और सांस्कृतिक समन्वय की ऐतिहासिक यात्रा बताया। वहीं डॉ. जयेन्द्र कीर्ति के संयोजन में संपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर सम्मेलन हेतु एक विशेष “शुभकामना गीत” भी साहित्यकारों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है
शुभकामना गीत
भारत से नेपाल अथाई,
शुभ संकल्पों की तरुणाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥
भागीरथ श्री बंसल जी हैं,
जर्नलिस्ट जी सक्षम भी हैं,
सरिता रस की चलकर आई।
भारत से नेपाल अथाई ॥
प्रांत जिले कोई ना छूटे,
कवि कवियित्री कहीं ना छूटे,
जुड़ी सहज पाई से पाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥
पशुपतिनाथ कृपा बरसाएँ,
दूध में मिश्री सम घुल जाएँ,
ग्रीष्म बाद पावस ऋतु आई।
भारत से नेपाल अथाई ॥
संबंधों की नई कहानी,
प्रीति बयार जो लगे सुहानी,
कदम कदम नाचे पुरवाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥
छंदों में इतिहास रचेंगे,
राम-किशन सब में ही रहेंगे,
बांटेंगे सब ज्ञान कमाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥
डॉ जयेन्द्र जैन'निप्पू चन्देरी' कवि विचारक राष्ट्रीय गौरव भ्रमणभाष ९४०७२२२२४४
यह गीत भारत और नेपाल के मध्य साहित्यिक, सांस्कृतिक और आत्मीय संबंधों की मधुर अभिव्यक्ति बनकर उभर रहा है। सम्मेलन को दोनों देशों के रचनाकारों और साहित्यप्रेमियों के लिए एक नई सांस्कृतिक सेतु के रूप में देखा जा रहा है।
